World Water Day: इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियर्स लोकल सेंटर जबलपुर के तत्वावधान में 22 मार्च विश्व जल दिवस पर ‘ग्लेशियर संरक्षण’ थीम पर एक सेमिनार का आयोजन किया गया।
सेमिनार में जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज के प्रिसिंपल डॉ. राजीव चांडक ने मुख्य अतिथि के रूप में बोलते हुए कहा कि विश्व की वर्तमान परिस्थितियों में ग्लेशियर संरक्षण मानवता के लिए अत्यंत आवश्यक है। दुनिया भर में लोगों की भलाई के लिए ग्लेशियरों की रक्षा करना जरूरी है। ये जमे हुए जलाशय दुनिया के मीठे या ताजे पानी का लगभग 70 फीसदी हिस्सेदारी रखते हैं, जो लंबे समय तक पानी की सुरक्षा के लिए उनके संरक्षण को आवश्यक बनाते हैं।
जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया जबलपुर के सीनियर जियोलॉजिस्ट एएस खान ने मुख्य वक्ता के रूप में अपने व्याख्यान में कहा कि स्थायी ग्लेशियर प्रबंधन, निरंतर निगरानी और अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक सहयोग इन महत्वपूर्ण जल स्रोतों को संरक्षित करने, भविष्य की समृद्धि सुनिश्चित करने और वैश्विक स्थिरता को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम हैं।
संयोजक डॉ. संजय के. वर्मा, मानसेवी सचिव डॉ. राजीव जैन ने भारत के संदर्भ में ग्लेशियर से जल संरक्षण पर अपने विचार रखे। आयोजन समिति के अध्यक्ष इंजी. सुरेन्द्र सिंह पवार ने सेमीनार का संचालन किया।
इस अवसर पर सेंटर के चेयरमेन संजय कुमार मेहता, आयोजक सचिव राजेश ठाकुर, सह संयोजक मनीष वाजपेई, सुनील कोठारी सहित जबलपुर के आसपास से आये इंस्टीट्यूशन के सदस्य, इंजीनियरिंग कॉलेजों के विद्यार्थियों एवं अन्य गणमान्यजनों की उपस्थिति रही।










