मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के 132 केवी सब-स्टेशन मल्हारगढ़ मंदसौर में विगत दिवस अज्ञात लोगों ने अपनी जान की परवाह किए बिना चालू यार्ड से 132 केवी के महत्वपूर्ण आइसोलेटर ब्लेड चोरी कर लिए।
यह उपकरण सब-स्टेशन में किसी विषम परिस्थितियों में विद्युत आपूर्ति करने का एक विकल्प रहता है। इससे अब न केवल भविष्य में क्षेत्र के हजारों उपभोक्ताओं के लिए विद्युत संकट की आशंका पैदा हो गई है बल्कि ट्रांसमिशन कंपनी के सामने भी इनका तुरंत इंतजाम करने की एक कठिन चुनौती आ गई है।
विशेष उपकरण, विशेष निर्माण प्रक्रिया
एमपी ट्रांसको के कार्यपालन अभियंता दिनेश शर्मा ने बताया कि चोरी हुआ यह ब्लेड कोई सामान्य पार्ट नहीं, बल्कि विशेष तकनीकी उपकरण का भाग है, जिसे निर्माता कंपनियां केवल मांग पर ही बनाती हैं। अलग-अलग डिजाइन होने के कारण इनका स्टॉक सामान्यतः उपलब्ध नहीं होता। ऐसे में इसकी पुनर्प्राप्ति में लगभग तीन महीने का समय लग सकता है। तब तक क्षेत्र में सिंदपान मंदसौर रेलवे ट्रैक्शन तथा नीमच और मंदसौर के लिए आकस्मिक स्थिति में विद्युत आपूर्ति की वैकल्पिक व्यवस्था न हो सकने से व्यवधान की आशंका बनी रहेगी।
यह क्षेत्र होंगे प्रभावित
आइसोलेटर जैसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील उपकरण के पार्ट्स चोरी हो जाने से मंदसौर की तहसील मल्हारगढ़ एवं ग्रामीण पहेड़ा, बुढा, अरनिया, पिपलिया मंडी, पिपलिया विशनियां, खेर खेड़ा, आंकली, कनघट्टी, चंदू, बरखेड़ा, नारायणगढ़, जीरन, बोरखेड़ी, कचनार क्षेत्र की विद्युत आपूर्ति प्रभावित हो सकती हैंl
बिजली के तीव्र प्रवाह से जान का घातक जोखिम
इस चोरी की सबसे भयावह बात यह है कि 132 केवी सब-स्टेशन में विद्युत प्रवाह 132,000 वोल्ट होता है, जो घरेलू बिजली (230 वोल्ट) की तुलना में लगभग 600 गुना अधिक है। ऐसे उपकरणों के संपर्क में आना अत्यंत घातक हो सकता है। केवल उपकरण को छूना ही नहीं, उसके आसपास के इंडक्शन क्षेत्र में आना भी जान के लिए खतरा बन सकता है।










