जबलपुर। मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2013 में भारतीय जनता पार्टी के जन संकल्प पत्र में घोषणा की गई थी, कि सरकार बनते ही विद्युत कंपनियों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण किया जावेगा किंतु बाद खेद का विषय है कि 15 वर्ष होने को है और तीन बार भाजपा सरकार बन चुकी है, मगर विद्युत कंपनियों में कार्यरत संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण आज तक नहीं किया गया।
संघ के द्वारा जनवरी 2023 में हड़ताल भी की गई थी, किंतु सिर्फ आश्वासन दिया गया था। संघ के द्वारा संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण करने की मांग को लेकर अनेक ज्ञापन पत्र भी सौंपे जा चुके हैं। संघ के अजय कश्यप, मोहन दुबे, राजकुमार सैनी, लखन सिंह राजपूत, विनोद दास, इंद्रपाल सिंह, संदीप दीपांकर, आजाद सकवार, जगदीश मेहरा, राजेश झरिया, किशोर बांदेकर, दशरथ शर्मा, मदन पटेल, शशि उपाध्याय आदि ने प्रदेश के मुख्यमंत्री मांग की गई है कि विद्युत कंपनियों में पिछले 15 वर्षों से कार्यरत संविदा कर्मचारियों का पहले नियमितीकरण किया जाये, उसके बाद नियमित भर्ती की जाये।











