Sunday, July 26, 2026
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pmjjby yojana : बड़ा घोटाला, ग्वालियर-चंबल संभागों में जिंदा लोगों को मृत बताकर बीमा राशि हड़पी

भोपाल. ग्वालियर-चंबल संभागों में गिरोह ने प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (पीएमजेजेबीवाई) को संगठित गिरोह ने निशाना बनाया और करोड़ों रूपए की चपत लगाई।

गिरोह ने जिंदा लोगों को मृत बताकर 2-2 लाख रुपये की बीमा राशि निकाल ली। अभी तक जो मामले सामने आये हैं, उसके मुताबिक सरकार को कई करोड़ रुपये का चूना लगाया गया है। इस मामले में आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडबलू) ने एफआईआर दर्ज कर ली है.

योजना की खासियत

यह योजना गरीबों के लिए बनाई गई है। सालाना सिर्फ 436 रुपए देकर 2 लाख रुपए का बीमा मिलता है। 18 से 50 साल के लोग इस योजना में शामिल हो सकते हैं। मौत पर नामिनी को पैसे मिलते हैं।

बैंक या ऑनलाइन आवेदन होता है। वहीं, ग्वालियर चंबल में इसका गलत इस्तेमाल हुआ है। जीवित लोगों को मरा बताया गया और नकली कागज बनाए गए। नगर निगम के कर्मचारियों ने मदद की, जबकि बैंक वालों ने आंखें बंद रखीं।

इंश्योरेंस कंपनी भी उलझी

श्योपुर में स्टार यूनियन दाईची लाइफ ने 50 क्लेम दिए थे। 6 की जांच हुई, जिसमें। सही निकला, जबकि बाकी 5 फर्जी थे। हर क्लेम में 2 लाख रूपए की राशि थी। इससे कुल 10 लाख का नुकसान हुआ था।

दीपमाला मिश्रा ने इस गिरोह का नेतृत्व किया, और जिगनेश प्रजापति ने साथ दिया था। नवीन मित्तल और पूजा कुमारी भी इस मामले में फंसे हैं। नगर निगम ग्वालियर के जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र बनाने वाले कर्मचारियों पर शक है। श्योपुर ब्रांच के यूनियन बैंक के कर्मचारियों ने पैसे ट्रांसफर किए थे। ईओडब्ल्यू ने धारा 318, 319, 336, 338, 340, 61(2) के तहत केस दर्ज किए हैं।

8 बीमा कंपनियों को चूना लगाया

न्यू इंडिया, स्टार यूनियन दाईची, भारतीय एक्सा लाइफ, एक्सिस मैक्स लाइफ, यूनाइटेड इंडिया, आईसीआईसीआई पूडेंशियल, एसबीआई लाइफ, और एलआईसी ने भी क्लेम दिए। यह घोटाला जनवरी 2020 से दिसंबर 2024 तक हुआ था। सभी पर जांच चल रही है।

गिरोह ने ऐसे रची क्लेम की साजिश

गिरोह ने जीवित लोगों के नाम से क्लेम लिया और मौत के नकली कागज बनाए थे। इससे सरकार को भारी नुकसान हुआ है। ईओडब्ल्यू को शिकायत मिली और तुरंत जांच शुरु कर दी गई है।

ईओडबलू ने इनके खिलफ दर्ज की एफआईआर

एक्सिस मैक्स और एसबीआई लाइफ के 15 केस चेक किए गए थे। ग्वालियर के 5 केस में अपराध नंबर 117/25 दर्ज हुए थे। दीपमाला मिश्रा बेलदारपुरा से, जिगनेश प्रजापति लश्कर से, और विवके दुबे उत्कर्ष बैंक से जुड़े थे।

मुरैना के 5 केस में अपराध नंबर 118/25, और भिंड के 5 केस में 119/25 दर्ज हुए थे। जांच जारी है। यह घोटाला गरीबों की सुरक्षा को ठगने जैसा है। ईओडब्ल्यू लगातार नई जानकारी जुटा रही है, और आरोपी सामने आ सकते हैं।

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