श्योपुर: मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क से वन्यजीव संरक्षण को लेकर बेहद उत्साहजनक खबर सामने आई है। नामीबियाई मूल की मादा चीता आशा ने दूसरी बार मां बनते हुए पांच स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। सभी नवजात पूरी तरह सुरक्षित हैं और विशेषज्ञ टीम उनकी लगातार निगरानी कर रही है।
भारत में जन्मे चीतों के शावक पहुंचे 24 के आंकड़े पर
इन नए शावकों के जन्म के साथ ही भारत में जन्मे जीवित चीता शावकों की संख्या बढ़कर 24 हो गई है। वहीं कूनो नेशनल पार्क में अब कुल चीतों की संख्या 35 तक पहुंच चुकी है। इससे पहले पार्क में 27 चीते मौजूद थे, जिनमें अब यह महत्वपूर्ण बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
प्रोजेक्ट चीता के लिए बड़ी उपलब्धि
यह उपलब्धि प्रोजेक्ट चीता के तहत एक अहम मील का पत्थर मानी जा रही है। इससे यह स्पष्ट होता है कि कूनो का पर्यावरण चीतों के लिए अनुकूल साबित हो रहा है और वे यहां सफलतापूर्वक प्रजनन कर पा रहे हैं।
नेताओं ने जताई खुशी
केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने सोशल मीडिया पर इस खुशखबरी को साझा करते हुए इसे प्रोजेक्ट चीता के लिए गर्व और खुशी का क्षण बताया। वहीं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भी बधाई देते हुए कहा कि कूनो में चीतों का परिवार लगातार बढ़ रहा है और यह भारत की वन्यजीव संरक्षण नीतियों की सफलता का प्रमाण है।
2022 में शुरू हुआ था प्रोजेक्ट चीता
गौरतलब है कि प्रोजेक्ट चीता की शुरुआत वर्ष 2022 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी। इस परियोजना के तहत नामीबिया और दक्षिण अफ्रीका से चीतों को लाकर कूनो नेशनल पार्क में बसाया गया। अब तक कई मादा चीताओं ने यहां शावकों को जन्म दिया है, जो इस प्रजाति की अनुकूलन क्षमता और संरक्षण प्रयासों की सफलता को दर्शाता है।











