अलीगढ़ के जिस घर में कुछ महीनों बाद शहनाइयां गूंजनी थीं, आज वहां सन्नाटा पसरा है। खुशियों की तैयारी में लगा परिवार गहरे शोक में डूबा हुआ है। भारतीय क्रिकेटर Rinku Singh के पिता खानचंद्र सिंह का लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्हें फोर्थ स्टेज लिवर कैंसर था और वह वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रहे थे, लेकिन आखिरकार वह यह लड़ाई हार गए।
पिता की गंभीर हालत की खबर मिलते ही रिंकू सिंह टी20 वर्ल्ड कप 2026 के बीच से ही टीम का साथ छोड़कर तुरंत अपने घर पहुंच गए थे। शुक्रवार तड़के ग्रेटर नोएडा के एक अस्पताल में उन्होंने अंतिम सांस ली। उनका पार्थिव शरीर अलीगढ़ स्थित घर लाया गया, जहां आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
संघर्ष से शिखर तक: बेटे की सफलता पर गर्व करते थे पिता
निम्न मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने वाले रिंकू सिंह ने बचपन में काफी संघर्ष देखा। उनके पिता अलीगढ़ में गैस सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे और कड़ी मेहनत से परिवार का पालन-पोषण करते थे। वे चाहते थे कि बेटा पढ़ाई या कोई छोटा-मोटा काम करे, लेकिन रिंकू ने क्रिकेटर बनने का सपना नहीं छोड़ा।
लगातार मेहनत और लगन के दम पर रिंकू ने भारतीय टीम तक का सफर तय किया। उन्होंने अपने माता-पिता के कई सपने पूरे किए, लेकिन एक ख्वाहिश अधूरी रह गई — पिता अपने बेटे को सेहरा बांधे, घोड़ी चढ़ते देखना चाहते थे।
सगाई हो चुकी थी, शादी टल गई
रिंकू सिंह की सगाई समाजवादी पार्टी (SP) की मछलीशहर से सांसद Priya Saroj के साथ 8 जून 2025 को लखनऊ के एक होटल में हुई थी। इस समारोह में परिवार और कई प्रमुख राजनीतिक हस्तियां शामिल हुई थीं।
शादी पहले 18-19 नवंबर 2025 को प्रस्तावित थी, लेकिन व्यस्त क्रिकेट शेड्यूल के कारण इसे टाल दिया गया। बाद में चर्चा थी कि विवाह जून 2026 में होगा। परिवार को उम्मीद थी कि तब तक घर में बहू के शुभ कदम पड़ेंगे, लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था।
आगे क्या होगा?
अब यह स्पष्ट नहीं है कि रिंकू सिंह टी20 वर्ल्ड कप 2026 में दोबारा टीम से जुड़ेंगे या नहीं। फिलहाल वह अपने परिवार के साथ इस कठिन समय में खड़े हैं।
जिस घर में कुछ समय बाद जश्न होना था, वहां आज शोक की लहर है। बेटे की कामयाबी देखने वाले पिता की सबसे बड़ी इच्छा अधूरी रह गई।











