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जबलपुर की सीमा से लगे जिले में हो रही थी अफीम की खेती, पुलिस की दबिश में खुलासा, करोड़ों रुपए कीमत के है ये पौधे

जबलपुर/दमोह। एमपी के जबलपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर दमोह के तेजगढ़ स्थित ग्राम मुराड़ी व सुहेला में आज पुलिस ने दबिश देकर अफीम की खेती का खुलासा किया है।

यहां पर अवैध कारोबारी ने करीब तीन एकड़ में अफीम के पेड़ लगाए थे। जिनकी कीमत करोड़ों रुपए है। पुलिस की दबिश से दोनों गांव में भगदड़ मची रही।

पुलिस ने मामले में एक आरोपी रामप्रसाद आदिवासी को गिरफ्तार किया है।
इस संबंध में पुलिस अधिकारियों को खबर मिली कि तेजगढ़ के ग्राम मुराड़ी व सुहेला में लम्बे समय से रामप्रसाद आदिवासी चने की फसल की आड़ में बड़े ही सुनियोजित तरीके से अफीम की खेती कर रहा है।

उसने करीब तीन एकड़ में अफीम के बीच डाले है जो अपने पौधों का रुप ले चुके है। इसके बाद आज पुलिस ने दोपहर के वक्त दोनों गांव में घेराबंदी करते हुए दबिश दी।

पुलिस की दबिश से यहां पर कार्यरत ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। पुलिस ने रामप्रसाद आदिवासी को गिरफ्तार कर लिया। वहीं देखा तो चने के खेत में अफीम के पौधे लहलहा रहे है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि करीब तीन एकत्र में लगी अफीम की फसल पूरी तरह से तैयार हो चुकी थी, जिसकी कटाई किए जाने की अवैध कारोबारी तैयारी कर रहे थे।

इससे पहले पुलिस ने दबिशदेकर सभी हरे-भरे पौधों को उखाड़कर जब्त कर लिया है। पुलिस के अनुसारए जब्त की गई अफीम की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपए है।

हालांकि सही मूल्यांकन जप्ती की आधिकारिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। मामले में मुख्य आरोपी रामप्रसाद आदिवासी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

जो अपने बड़े पिता भगत आदिवासी के साथ मिलकर इन खेतों में काम करता था। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है।

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