जबलपुर सहित पूरे मध्यप्रदेश में रंगों के त्योहार होली की तैयारियां जोरों पर हैं। बाजारों में रौनक है, लेकिन इस बार ड्राई डे को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाई है। आमतौर पर होली और धुलेंडी के दिन कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए शराब की बिक्री पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया जाता है, लेकिन इस साल तिथियों के अंतर के कारण भ्रम की स्थिति बनी हुई है।
तिथियों में अंतर से बढ़ी उलझन
देश के अलग-अलग राज्यों में इस वर्ष होली 3 और 4 मार्च को मनाई जा रही है। मध्यप्रदेश में मुख्य रूप से 4 मार्च को धुलेंडी मनाई जानी है। सामान्य नियम के अनुसार, जिस दिन रंगों वाली होली खेली जाती है, उस दिन पूरे प्रदेश में ड्राई डे घोषित किया जाता है।
हालांकि कुछ जिलों में स्थानीय परंपराओं और पंचांग के अनुसार तिथियों में बदलाव संभव है। इसी वजह से जिला प्रशासन और आबकारी विभाग की ओर से आधिकारिक आदेश का इंतजार किया जा रहा है। प्रशासन का उद्देश्य साफ है—त्योहार के दौरान शराब पीकर हुड़दंग करने वाले तत्वों पर नियंत्रण रखना और शांति व्यवस्था बनाए रखना।
आज शाम तक आ सकता है फैसला
सूत्रों के अनुसार, प्रशासन जल्द ही ड्राई डे को लेकर औपचारिक आदेश जारी कर सकता है। संभावना है कि 4 मार्च को सुबह से देर शाम तक शराब की दुकानें और बार बंद रखे जाएं।
शराब दुकान संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए जाएंगे कि वे निर्धारित समय का सख्ती से पालन करें। नियमों का उल्लंघन करने पर भारी जुर्माना या लाइसेंस रद्द करने जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस अलर्ट, नागरिकों से अपील
होली को देखते हुए पुलिस विभाग ने संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त बढ़ा दी है। आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे किसी भी अफवाह पर भरोसा न करें और ड्राई डे से जुड़ी आधिकारिक घोषणा का इंतजार करें।
त्योहार का उद्देश्य उल्लास और भाईचारे को बढ़ावा देना है, इसलिए प्रशासन चाहता है कि होली शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में मनाई जाए।











