जबलपुर। रंगों के पर्व होली से ठीक पहले एयरलाइंस कंपनियों ने हवाई किरायों में भारी बढ़ोतरी कर दी है। इसका असर मध्य प्रदेश के प्रमुख शहरों—भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर—से यात्रा करने वाले यात्रियों पर साफ दिख रहा है। दिल्ली, मुंबई, हैदराबाद और बेंगलुरु जैसे बड़े शहरों के लिए टिकट अब सामान्य दिनों की तुलना में दो से तीन गुना महंगे हो चुके हैं।
एयरलाइंस ने अग्रिम बुकिंग अवधि में ही फेयर बढ़ा दिए हैं। जानकारों का कहना है कि त्योहार नजदीक आते-आते किराए में और इजाफा हो सकता है।
सीमित प्रतिस्पर्धा का असर
विशेषज्ञों के मुताबिक, भोपाल और इंदौर जैसे शहरों से जिन रूट्स पर तीन या उससे अधिक एयरलाइंस संचालित हैं, वहां प्रतिस्पर्धा के चलते किराया कुछ हद तक नियंत्रित रहता है।
लेकिन जबलपुर और ग्वालियर जैसे शहरों में कई प्रमुख रूट्स पर केवल एक या दो कंपनियां ही सेवा दे रही हैं। ऐसे में विकल्प कम होने के कारण यात्रियों को अधिक किराया चुकाना पड़ रहा है।
दोगुना तक पहुंचा किराया
सामान्य दिनों में इन रूट्स पर औसत हवाई किराया 5,000 से 6,000 रुपये के बीच रहता है। फिलहाल कई तारीखों पर यही किराया बढ़कर 10,000 से 15,000 रुपये तक पहुंच गया है।
1 मार्च को रविवार होने के कारण मांग और ज्यादा है, जिससे किराए में अतिरिक्त बढ़ोतरी देखी जा रही है।
1-2 मार्च को सबसे ज्यादा मार
होली से एक-दो दिन पहले यानी 1 और 2 मार्च को किराया सबसे अधिक दर्ज किया गया है। जिन रूट्स पर यात्री पहले 4-5 हजार रुपये में सफर कर लेते थे, अब उन्हें उसी यात्रा के लिए 10-15 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ रहे हैं।
पुणे, कोलकाता और अन्य शहरों की यात्रा करने वाले कई यात्री जबलपुर या ग्वालियर से सीधी उड़ान न मिलने पर कनेक्टिंग फ्लाइट का सहारा ले रहे हैं। कुछ यात्री पहले नागपुर, इंदौर या भोपाल पहुंचकर वहां से आगे की हवाई यात्रा कर रहे हैं, ताकि किराए में थोड़ी राहत मिल सके।
त्योहार के मौसम में बढ़ती मांग और सीमित उड़ानों के चलते फिलहाल यात्रियों को महंगे सफर के लिए तैयार रहना पड़ रहा है।











