भोपाल। एमपी के सीएम डॉ मोहन यादव ने आज शाम को बड़ा प्रशासनिक एक्शन लेते हुए गुना एसपी अंकित सोनी व सीधी कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को हटाने के निर्देश दिए हैं।
सीएम ने साफ कहा कि मैदानी स्तर पर शिकायतें मिलने पर अधिकारियों को मैदान में रखने के बजाय वल्लभ भवन में बैठाना ज्यादा बेहतर है।
इसी के तहत गुना में हवालाकांड के बाद पुलिस अधीक्षक अंकित सोनी को तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया। 1 करोड़ रुपए कैश बरामदगी व कथित 20 लाख रुपए के लेनदेन के मामले में उनकी भूमिका संतोषजनक नहीं पाई गई। इस प्रकरण के सामने आने के बाद सरकार ने सख्त रुख अपनाया।
सीएम मिर्जापुर से सीधे सीधी पहुंचे थे और वहां स्थानीय लोगों व जनप्रतिनिधियों से मुलाकात के दौरान उन्हें कई शिकायतें मिलीं। प्रशासनिक कामकाज को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद यह कार्रवाई की गई।
गौरतलब है कि गुना पुलिस ने गुजरात के एक जीरा कारोबारी की कार से करीब 1 करोड़ रुपए कैश पकड़ा था। लेकिन आरोप है कि 20 लाख रुपए लेकर उसे छोड़ दिया गया। मामला तब पलटाए जब गुजरात के एक आईपीएस अधिकारी का फोन आने के बाद धरनावदा पुलिस ने लिए गए 20 लाख रुपए वापस कर दिए।
मामला सामने आते ही डीआईजी अमित सांघी देर रात गुना पहुंचे और जांच शुरू की गई। इसके बाद थाना प्रभारी समेत 4 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड किया गया।
जिनमें एएसआई साजिद हुसैन, प्रधान आरक्षक देवेंद्र सिंह सिकरवार व आरक्षक सुंदर रमन शामिल हैं। शुरुआती जांच में इनकी भूमिका संदिग्ध पाई गई। इसके बाद कार्रवाई की आंच एसपी तक पहुंची और उन्हें हटा दिया गया।
सीधी में भी एक्शनए बैंक जीएम भी सस्पेंड-
इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने सीधी जिले में भी सख्ती दिखाई। आकस्मिक दौरे के दौरान आम जनता और जनप्रतिनिधियों से मिली शिकायतों के आधार पर प्रशासन की समीक्षा की गई।
इसके बाद कलेक्टर स्वरोचित सोमवंशी को भी तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए गए। सीधी जिला सहकारी बैंक के महाप्रबंधक पीएस धनवाल को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के निर्देश जारी किए हैं।











