Dr. Mohan Yadav :मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को सिहोर जिले के आष्टा में आयोजित महिला सशक्तिकरण सम्मेलन से मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना के अंतर्गत प्रदेश की 1.25 करोड़ महिलाओं के खाते में 1 हजार 836 करोड़ रूपये से अधिक की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से अंतरित की। इनमें जबलपुर जिले की 3 लाख 78 हजार 477 लाभार्थी बहनें भी शामिल हैं, जिनके खाते में 55 करोड़ 56 लाख रूपये की राशि भेजी गई है।
Dr. Mohan Yadav : महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने तथा उनके स्वास्थ्य एवं पोषण में सुधार के उद्देश्य को लेकर संचालित की जा रही इस योजना की यह 35वीं किश्त है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा आष्टा में आयोजित महिला सशक्तिकरण सम्मेलन से लाड़ली बहना योजना की 35वीं किश्त के रूप में प्रत्येक लाभार्थी महिला के खाते में 1500-1500 की राशि अंतरित की गई।

Dr. Mohan Yadav : ग्रामीण क्षेत्रों में श्रम बल की भागीदारी में स्पष्ट असमानता देखने को मिलती है। जहाँ पुरुषों की भागीदारी 57.7 प्रतिशत है, वहीं महिलाओं की भागीदारी मात्र 23.3 प्रतिशत ही है। इसी प्रकार शहरी क्षेत्रों में भी पुरुषों की भागीदारी 55.9 प्रतिशत के मुकाबले महिलाओं की भागीदारी केवल 13.6 प्रतिशत दर्ज की गई है। यह आंकड़े दर्शाते हैं कि महिलाओं की श्रम में भागीदारी पुरुषों की तुलना में काफी कम है, जिससे उनकी आर्थिक स्वावलम्बन की स्थिति प्रभावित होती है।
Dr. Mohan Yadav : उपरोक्त स्थिति को ध्यान में रखते हुए, मध्यप्रदेश शासन द्वारा महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की गई। प्रदेश के माननीय मुख्यमंत्री Dr. Mohan Yadav द्वारा 28 जनवरी 2023 को पूरे मध्यप्रदेश में “मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना” लागू करने की घोषणा की गई। वर्तमान में इस योजना के अंतर्गत महिलाओं को प्रतिमाह 1250 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है, जो उनके स्वास्थ्य, पोषण और आर्थिक स्वावलम्बन को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
Dr. Mohan Yadav : अब तक कितनी धनराशि खर्च कर चुकी है सरकार?
“मुख्यमंत्री लाड़ली बहना योजना” मध्य प्रदेश सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य महिलाओं को वित्तीय सहायता देकर उन्हें सशक्त बनाना है। शुरुआत में इस योजना के तहत ₹1250 प्रति माह दिए जाते थे, जिसे अब बढ़ाकर ₹1500 कर दिया गया है। यह राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है, जिससे उन्हें बिना किसी मध्यस्थ के लाभ मिलता है। योजना की शुरुआत से अब तक कुल 34 किस्तों में ₹55,976 करोड़ से अधिक की राशि लाभार्थी महिलाओं को वितरित की जा चुकी है, जो महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
e-KYC की प्रक्रिया क्यों अनिवार्य है?
योजना का लाभ लगातार और बिना रुकावट प्राप्त करने के लिए e-KYC (इलेक्ट्रॉनिक नो योर कस्टमर) प्रक्रिया को अनिवार्य किया गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि जिन महिलाओं की e-KYC प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है, उनकी ₹1500 की किस्त रुक सकती है। इसलिए सभी लाभार्थियों को समय रहते अपनी जानकारी अपडेट करने की सलाह दी गई है, ताकि उन्हें योजना का लाभ निरंतर मिलता रहे।
e-KYC अपडेट कैसे करें?
e-KYC अपडेट करने के लिए सबसे पहले समग्र पोर्टल (samagra.gov.in) की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। वहाँ ‘e-KYC’ विकल्प का चयन करें और अपनी समग्र आईडी दर्ज करें। इसके बाद आपके मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी प्राप्त होगा, जिससे सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। अंत में, आधार कार्ड की जानकारी साझा कर e-KYC प्रक्रिया को पूरा किया जा सकता है।











