MP Weather Today :अगर आप सोमवार, 27 जुलाई को मध्य प्रदेश में किसी जरूरी काम से घर से बाहर निकलने की तैयारी कर रहे हैं, तो छाता या रेनकोट साथ रखना बेहतर रहेगा। प्रदेश में मानसून पूरी तरह सक्रिय है और मौसम विभाग के अनुसार बारिश का सिलसिला फिलहाल थमने वाला नहीं है। कहीं रिमझिम फुहारें मौसम को सुहावना बनाएंगी, तो कई इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज से मूसलाधार बारिश होने की संभावना है। ऐसे में यात्रा या अन्य जरूरी काम से पहले अपने शहर का मौसम अपडेट जरूर देख लें।
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, पूर्वी मध्य प्रदेश के जिलों में बारिश का असर अधिक रहेगा, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। कुछ स्थानों पर तेज बारिश और बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। आइए जानते हैं कि 27 जुलाई को प्रदेश के अलग-अलग अंचलों में मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है।
राजधानी भोपाल समेत सीहोर, रायसेन और विदिशा में सुबह से ही आसमान में बादलों का डेरा रहेगा.-
हालांकि यहां बहुत तेज़ या तूफानी बारिश का खतरा नहीं है, लेकिन रुक-रुक कर पड़ती बौछारें आपका मूड बढ़िया कर सकती हैं. दिन का पारा 28°C से 31°C के आसपास रहने का अनुमान है. हवा में नमी के कारण थोड़ी उमस जरूर महसूस हो सकती है, लेकिन बीच-बीच में बहने वाली ठंडी हवाएं थोड़ी राहत भी देंगी.
महाकोशल और पूर्वी अंचल
जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा और मंडला जैसे जिलों में रहने वाले लोगों को खास सतर्क रहने की जरूरत है. यहाँ मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश का अंदेशा जताया है.
सावधानी बेहद जरूरी: जबलपुर और आसपास के निचले इलाकों में अस्थायी जलभराव हो सकता है. ग्रामीण क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका है, इसलिए बारिश के दौरान खुले मैदानों या बड़े पेड़ों के नीचे बिल्कुल न खड़े हों.
सुहाना रहेगा मौसम, चलेंगी ठंडी हवाएं
इंदौर, उज्जैन, रतलाम और खरगोन की तरफ मौसम काफी खुशनुमा बना रहेगा. यहाँ हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की उम्मीद है. 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से बहने वाली ठंडी हवाएं मौसम में ठंडक बनाए रखेंगी. अगर आप शाम को घूमने-फिरने का सोच रहे हैं, तो दिन एकदम मुफीद है.
धूप और बादलों के बीच लुका-छिपी जारी रहेगी –
उत्तरी मध्य प्रदेश के ग्वालियर, भिंड, मुरैना और शिवपुरी में धूप और बादलों के बीच लुका-छिपी चलती रहेगी. दोपहर या शाम के समय कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ स्थानीय बौछारें गिर सकती हैं. दिन के वक्त यहाँ थोड़ी बहुत उमस परेशान कर सकती है.
किसान भाइयों के लिए सुझाव: खेती-किसानी के काम में लगे किसान बारिश की स्थिति को देखते हुए ही खेतों में खाद या कीटनाशकों का छिड़काव करें, ताकि मेहनत और दवा बेकार न जाए.











