MP में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहा है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के मौसम में लगातार बदलाव देखने को मिल रहा है। मंगलवार को कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। इसके साथ ही अधिकांश इलाकों में गरज-चमक और तेज हवाओं का असर भी दिखाई दिया। अब मौसम विभाग ने बुधवार, 29 जुलाई 2026 के लिए प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। ऐसे में लोगों को अतिरिक्त सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
15 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट, 5 जिलों के लिए ऑरेंज चेतावनी
MP भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, आज प्रदेश के 15 जिलों में भारी बारिश होने की संभावना है। इनमें बालाघाट, रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा और सिवनी के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा देवास, सीहोर, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, छतरपुर और जबलपुर सहित अन्य प्रभावित जिलों के लिए येलो अलर्ट घोषित किया गया है।
मौसम विभाग का कहना है कि इन इलाकों में तेज बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाएं भी चल सकती हैं। इसलिए लोगों को मौसम के बदलते हालात पर लगातार नजर रखने की जरूरत है।
MP बालाघाट में अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी
इस बार सबसे ज्यादा खतरा बालाघाट जिले में बताया गया है। यहां अत्यधिक भारी वर्षा होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग के अनुसार जिले में 204.5 मिलीमीटर से अधिक बारिश दर्ज हो सकती है।
वहीं रायसेन, नर्मदापुरम, छिंदवाड़ा और सिवनी में 115.6 मिमी से 204.4 मिमी तक बारिश होने का अनुमान है। इसी तरह जबलपुर, देवास, सीहोर, हरदा, बैतूल, पांढुर्णा, नरसिंहपुर, सागर, दमोह और छतरपुर में भी भारी वर्षा दर्ज की जा सकती है।
30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
बारिश के साथ तेज हवाओं का असर भी देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने बताया कि कई जिलों में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चल सकती है। इसके अलावा गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की भी आशंका बनी हुई है। प्रदेश के अन्य जिलों में भी कहीं-कहीं बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी रह सकता है।
यात्रा करने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें
मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि यदि यात्रा बहुत जरूरी न हो तो उसे फिलहाल टाल दें। वहीं, जिन लोगों को बाहर निकलना जरूरी हो, वे मौसम की ताजा जानकारी लेकर ही घर से निकलें। विभाग ने नागरिकों से आधिकारिक मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने की भी सलाह दी है।
आम नागरिकों के लिए जरूरी सावधानियां
लगातार बदलते मौसम को देखते हुए लोगों को कुछ जरूरी सावधानियां अपनानी चाहिए। गरज-चमक के दौरान घर के अंदर रहना सबसे सुरक्षित माना गया है। यदि किसी कारण बाहर जाना पड़े, तो पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहें।
इसके अलावा बिजली गिरने की आशंका होने पर घर के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल देना बेहतर रहेगा। वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखें और सड़क पर अतिरिक्त सावधानी बरतें। वहीं निर्माण स्थलों और ढीली बिजली की तारों के पास जाने से भी बचना चाहिए।
पशुपालकों के लिए भी जारी हुई एडवाइजरी
मौसम विभाग ने पशुपालकों के लिए भी विशेष सलाह जारी की है। पशुओं को खुले मैदान, नदी, तालाब या अन्य जल स्रोतों के पास न छोड़ें। रात के समय सभी पशुओं को सुरक्षित शेड में रखें ताकि तेज बारिश और बिजली गिरने के खतरे से बचाया जा सके।
साथ ही दोपहर के समय अधिक गर्मी होने पर पशुओं को खुली चराई के लिए न भेजें। उनके लिए पर्याप्त पेयजल और छायादार स्थान की व्यवस्था करें। गरज-चमक के दौरान पशुओं को पेड़ों के नीचे बांधने से भी बचें, क्योंकि इससे आकाशीय बिजली का खतरा बढ़ सकता है।
मौसम पर रखें नजर, सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव
फिलहाल MP में मानसून का असर लगातार बढ़ रहा है। आने वाले दिनों में कई जिलों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसलिए मौसम विभाग की चेतावनियों को गंभीरता से लेना जरूरी है। थोड़ी सी सतर्कता और समय पर सावधानी बरतकर बारिश और आंधी-तूफान से होने वाले नुकसान से काफी हद तक बचा जा सकता है।











