Bharat : भारत ने अपनी रणनीतिक रक्षा क्षमता को और मजबूत करते हुए ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) से मध्यम दूरी की परमाणु-सक्षम बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का सफल परीक्षण किया। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह परीक्षण स्ट्रेटेजिक फोर्सेज कमांड (SFC) और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) की संयुक्त निगरानी में संपन्न हुआ।
मंत्रालय ने बताया कि परीक्षण के दौरान अग्नि-4 ने सभी निर्धारित ऑपरेशनल और तकनीकी मानकों पर पूरी तरह खरा उतरते हुए अपनी क्षमता साबित की। स्ट्रेटेजिक फोर्सेज कमांड के तहत किए गए इस सफल परीक्षण को भारत की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता और रक्षा तैयारियों को और सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
राजनाथ सिंह ने दी बधाई
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने डीआरडीओ और एसएफसी को सफल परीक्षण पर बधाई दी. उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, मैं इस टेक्स्टबुक मिशन लॉन्च के लिए स्स्नष्ट और ष्ठक्रष्ठह्र को बधाई देता हूं. यह देश की रक्षा के लिए अत्याधुनिक तकनीकों के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराता है. अग्नि-1 से अग्नि-4 मिसाइलों की रेंज 700 किलोमीटर से 3500 किलोमीटर तक है और ये पहले से ही तैनात हैं. अग्नि-4 दो स्टेज वाली सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल है. यह ठोस ईंधन से चलती है और 4000 किलोमीटर तक के लक्ष्य पर वार करने में सक्षम है.
कैसा रहा था पिछला परीक्षण
इससे पहले जुलाई में पिनाका लॉन्ग रेंज गाइडेड रॉकेट का सफल परीक्षण किया था. यह परीक्षण भी चांदीपुर में हुआ था. रॉकेट ने 60 किलोमीटर की दूरी तय की और लक्ष्य पर सटीक वार किया. जून में स्वदेशी लॉन्ग-रेंज लैंड अटैक क्रूज मिसाइलका भी सफल परीक्षण किया गया था. यह परीक्षण ओडिशा तट पर हुआ. मिसाइल ने सभी निर्धारित उद्देश्यों को पूरा किया.











