Sunday, September 6, 2026
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MP Rain Alert: मध्य प्रदेश में कैसा रहेगा मौसम? बारिश पर IMD का बड़ा अपडेट

मानसून का महीना हो और आसमान में बादलों की आवाजाही न हो, ऐसा भला कैसे संभव है! अगस्त की शुरुआत होते ही लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही रहता है—आज बारिश होगी या सिर्फ बादल छाए रहेंगे? अगर आप भी 3 अगस्त 2026 के मौसम को लेकर अपनी दिनचर्या या यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) का मौसम अपडेट आपके लिए अहम है।IMD के अनुसार, 3 अगस्त को मध्य प्रदेश में अत्यधिक भारी बारिश या रेड अलर्ट जैसी स्थिति नहीं बनी, हालांकि प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और रिमझिम फुहारों का दौर देखने को मिला। मानसून सिस्टम के अपेक्षाकृत कमजोर पड़ने से इस दिन तेज बारिश के बजाय बादलों की आवाजाही और रुक-रुककर होने वाली फुहारों ने मौसम का मिजाज बनाए रखा। यानी प्रदेश में बारिश की उम्मीद तो रही, लेकिन बड़े पैमाने पर भारी बारिश का खतरा नजर नहीं आया।
भोपाल और आसपास का इलाका (राजधानी क्षेत्र)

राजधानी भोपाल और उसके आसपास के इलाकों में 3 अगस्त को दिन भर बादलों का डेरा जमा रहा. बीच-बीच में ठंडी हवाएं चलती रहीं और कई जगहों पर हल्की से मध्यम बारिश (30-35 मिमी के आसपास) हुई. सीहोर और रायसेन में कुछ जगहों पर अच्छी झमाझम देखने को मिली, जिससे मौसम काफी सुहावना और खुशनुमा हो गया. तापमान में गिरावट आई और लोगों को उमस से खासी राहत मिली.

 इंदौर-उज्जैन संभाग

मालवा-निमाड़ की बेल्ट में मौसम काफी मेहरबान नजर आया. इंदौर और उज्जैन में बादलों की गड़गड़ाहट के साथ हल्की-फुल्की फुहारें पड़ती रहीं. इंदौर, धार और खंडवा-खरगोन के कुछ इलाकों में दिन के समय रुक-रुक कर रिमझिम बारिश हुई. जो किसान भाई फसलों के लिए पानी का इंतजार कर रहे थे, उनके चेहरे पर इस हल्की बारिश ने मुस्कान ला दी. वहीं उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन करने आए श्रद्धालुओं को भी सुहावने मौसम का भरपूर आनंद मिला.

महाकौशल के इलाकों की बात करें तो –
महाकौशल के इलाकों में मौसम मिला-जुला रहा. जबलपुर और आसपास के जिलों में हल्की धूप के साथ-साथ बादलों की आवाजाही बनी रही. नर्मदापुरम, बैतूल और छिंदवाड़ा के पहाड़ी व जंगलों वाले इलाकों में बिजली कड़कने के साथ मध्यम दर्जे की बारिश हुई. नर्मदा नदी के घाटों पर पानी का बहाव सामान्य रहा और कुल मिलाकर दिन आरामदायक बीता.
उत्तरी मध्य प्रदेश

उत्तर मध्य प्रदेश यानी ग्वालियर-चंबल इलाके में थोड़ी उमस का असर ज्यादा देखा गया. ग्वालियर और मुरैना में सुबह से ही आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहे. कुछ इलाकों में गरज-चमक के साथ छोटी-मोटी बौछारें पड़ीं, लेकिन किसी बड़े जलभराव या मूसलाधार बारिश की खबर नहीं रही. हल्की बौछारों के बाद बीच-बीच में निकली धूप ने हल्की उमस जरूर बढ़ाई.

विंध्य और बुंदेलखंड अंचल

पूर्वी मध्य प्रदेश और बुंदेलखंड के जिलों में भी मौसम का मिज़ाज नरम ही रहा. सागर, दमोह और रीवा-सतना में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई. बादलों की आवाजाही लगातार बनी रही, जिससे तीखी धूप से लोगों का बचाव हुआ.

IMD का क्या कहना है?

मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 3 अगस्त को कोई भारी बारिश का अलर्ट (Heavy Rainfall Warning) नहीं था. राज्य में औसत बारिश में थोड़ी कमी (करीब 13% से 15% की कमी) दर्ज की जा रही थी, इसलिए बड़ी मूसलाधार बारिश कराने वाले सिस्टम थोड़े कमजोर पड़े हुए थे. मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि यह मानसून का एक छोटा सा ‘ब्रेक’ या सुस्त फेज था, जिसके बाद 4-5 अगस्त से नए सिस्टम के सक्रिय होते ही दोबारा तेज बारिश का दौर शुरू होने की संभावना जताई गई थी.

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