रेलवे बोर्ड के सीईओ व चेयरमैन सतीश कुमार रविवार 6 सितम्बर को मध्य प्रदेश के प्रवास पर इंदौर पहुंचे. उन्होंने मीडिया से चर्चा की और इंदौर से जुड़े प्रोजेक्टों में गति लाने की बात कही. उन्होंने कहा कि सिंहस्थ के दौरान इंदौर और उज्जैन के लिए देशभर के शहरों से सवा सौ से ज्यादा ट्रेनें चलेंगी.
उन्होंने कहा कि इंदौर और आसपास की रेल परियोजनाओं की समीक्षा की है. वे जल्द से जल्द पूरी होंगी. इंदौर को नई ट्रेनें भी दी जाएंगी. मेमू ट्रेन भी इंदौर को मिलेगी. मेमू ट्रेन का निर्माण तेजी से हो रहा है. सिंहस्थ से पहले इंदौर को मेमू ट्रेन मिलेगी. उन्होंने कहा कि इंदौर के लक्ष्मीबाई नगर स्टेशन से सिंहस्थ की कई गाडिय़ां चलेंगी. उज्जैन से इंदौर के बीच के दूसरे स्टेशनों की व्यवस्थाएं भी बढ़ाई जाएंगी, ताकि ज्यादा से ज्यादा गाडिय़ां चल सकें. सिंहस्थ के दौरान सवा सौ ट्रेनें देश के अलग-अलग शहरों से चलेंगी.
इंदौर-मनमाड़ प्रोजेक्ट को लेकर उन्होंने कहा कि पांच साल में यह प्रोजेक्ट पूरा हो जाएगा. भूमि अधिग्रहण का काम जारी है. यह लंबी प्रक्रिया होती है. एक से डेढ़ साल का समय इसमें लगता है. इस प्रोजेक्ट के पूर्ण होने से मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के बीच की दूरी कम होगी.
ब्रिज देखने पहुंचे
स्टेशन पर अफसरों से मुलाकात के बाद सतीश कुमार रीगल ब्रिज देखने पहुंचे. इस ब्रिज का निर्माण रेलवे कर रहा है. पुराना ब्रिज तोडऩे से पहले वैकल्पिक ब्रिज तैयार किया जाएगा, ताकि शहर का ट्रैफिक प्रभावित न हो. इसके बाद वे इंदौर से उज्जैन तक ट्रैक देखने के लिए निरीक्षण कोच में सवार हो गए. सांसद शंकर लालवानी ने भी उनसे मुलाकात की और कहा कि इंदौर स्टेशन का काम न रोका जाए. सिंहस्थ से पहले जितना निर्माण हो सकता है, उसे पूरा किया जाना चाहिए.








