मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर आज जंतर-मंतर पर प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। कॉकरोच जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी, लेफ्ट पार्टियों और यूथ कांग्रेस समेत कई संगठनों ने इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है। जंतर मंतर पर प्रदर्शन को लेकर दिल्ली पुलिस पूरी तरह से अलर्ट मोड पर है। एहतियात के तौर पर भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता धारा 163 लागू कर दी है। दिल्ली पुलिस ने एक्स पर पोस्ट में जानकारी दी है कि प्रशासन ने एहतियात के तौर पर नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस), 2023 की धारा 163 लागू कर दी है। जानें क्या है BNSS Section 163।
दिल्ली में धारा 163 लागू
जंतर-मंतर पर बड़े विरोध-प्रदर्शन को देखते हुए नई दिल्ली के वीवीआईपी इलाकों में पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। दिल्ली पुलिस के साथ-साथ अर्धसैनिक बलों के हजारों जवानों को तैनात किया गया है। इसके साथ ही यूपी और हरियाणा बॉर्डर पर भी चौकसी बढ़ा दी गई है ताकि किसी भी तरह की अप्रिय घटना को रोका जा सके। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर नई दिल्ली इलाके में बीएनएसएस, 2023 की धारा 163 लागू कर दी है। दिल्ली पुलिस की ओर से जारी नोटिस में साफ कहा गया है कि जन-सुरक्षा, कानून-व्यवस्था बनाए रखने और ट्रैफिक की सुचारू आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए यह निषेधाज्ञा लागू की गई है।
क्या है धारा 163
पुलिस की ओर से जारी जरूरी सूचना के अनुसार, बीएनएसएस की धारा 163 के तहत नई दिल्ली जिले में बिना पूर्व लिखित अनुमति के किसी भी तरह की सभा पर रोक रहेगी। इस दौरान क्षेत्र में 5 या उससे अधिक लोगों के जमावड़े, जुलूस, प्रदर्शन और धरने की अनुमति नहीं होगी। नारेबाजी करना या सार्वजनिक रूप से भाषण देने पर भी मनाही है।
हथियार, बैनर, प्लेकार्ड, लाठी, तलवार, डंडे, ईंट-पत्थर या ऐसी ही अन्य आपत्तिजनक चीजें साथ लेकर चलने पर भी रोक है। आम तौर पर धारा 163 तब लागू की जाती है जब किसी क्षेत्र में तनाव की स्थिति हो। किसी बड़े सामूहिक मानव भीड़ के जुटाव या बड़े आयोजन के कारण भीड़ इकट्ठा होने की संभावना हो।
धारा 163 के तहत लागू होते हैं ये प्रतिबंध
धारा 163 लागू होने के बाद नई दिल्ली में सार्वजनिक गतिविधियों को लेकर कई तरह के प्रतिबंध प्रभावी हो सकते हैं। बिना अनुमति किसी भी प्रकार की सभा या प्रदर्शन आयोजित करने पर रोक रहेगी, जबकि पांच या उससे अधिक लोगों के एक स्थान पर एकत्र होने पर भी प्रतिबंध लागू होगा। इसके अलावा हथियार, लाठी, डंडे या किसी अन्य खतरनाक वस्तु को लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी। प्रशासन की ओर से भड़काऊ भाषण, पोस्टर और सोशल मीडिया पर प्रसारित होने वाली आपत्तिजनक या भड़काऊ सामग्री पर भी निगरानी रखी जा सकती है। वहीं, लाउडस्पीकर अथवा सार्वजनिक घोषणाओं के लिए संबंधित प्रशासन से पूर्व अनुमति लेना आवश्यक होगा।









