नई दिल्ली। Tata Motors अपने पैसेंजर व्हीकल और इलेक्ट्रिक व्हीकल कारोबार को नई ब्रांड पहचान देने की तैयारी कर रही है। कंपनी ने कार बिजनेस के लिए TATA.CARS नाम और नया ग्लोबल स्लोगन “Nothing’s Too Far” पेश किया है।
कंपनी का कहना है कि इस नई पहचान के जरिए पैसेंजर कार और इलेक्ट्रिक व्हीकल बिजनेस को कमर्शियल व्हीकल कारोबार से अलग और स्पष्ट पहचान दी जाएगी। फिलहाल Tata Motors नाम के तहत कंपनी के ट्रक, बस, पैसेंजर कार और इलेक्ट्रिक व्हीकल बिजनेस की पहचान होती है।
ऐसे में अब TATA.CARS के जरिए कारों और EVs के लिए एक अलग ब्रांड एक्सपीरियंस तैयार करने की कोशिश की जा रही है। यह बदलाव मुख्य रूप से ब्रांडिंग, मार्केटिंग और ग्राहकों के अनुभव में नजर आएगा। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि कंपनी की कारों पर मौजूद पारंपरिक Tata लोगो बदलने वाला है।
TATA.CARS नहीं है कंपनी का कानूनी नाम
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि TATA.CARS कंपनी का नया कानूनी नाम नहीं है। कंपनी का आधिकारिक कानूनी नाम Tata Motors Passenger Vehicles Ltd. ही रहेगा। TATA.CARS का इस्तेमाल मुख्य रूप से ब्रांड और ग्राहकों के बीच नई पहचान बनाने के लिए किया जाएगा।
यानी कंपनी के मौजूदा दस्तावेजों और कानूनी पहचान पर इस बदलाव का सीधा असर नहीं पड़ेगा। इसके साथ ही कारों पर दिखाई देने वाला Tata का पारंपरिक 3D एलिप्स लोगो भी पहले की तरह बना रहेगा। कार की ग्रिल और स्टीयरिंग व्हील पर वही Tata लोगो दिखाई देगा। इसलिए मौजूदा Tata कार मालिकों को अपनी गाड़ी के लोगो या वाहन की पहचान में किसी बड़े बदलाव की चिंता करने की जरूरत नहीं है।
शोरूम और वेबसाइट पर दिखेगी नई ब्रांडिंग
नई ब्रांड पहचान का असर सबसे ज्यादा शोरूम, वेबसाइट, मोबाइल ऐप और विज्ञापनों में दिखाई दे सकता है। कंपनी पैसेंजर व्हीकल ग्राहकों के लिए एक ऐसा ब्रांड अनुभव तैयार करना चाहती है, जो कमर्शियल व्हीकल कारोबार से अलग हो।
ऐसे में आने वाले समय में Tata की कार खरीदने वाले ग्राहक वेबसाइट पर कारों और EVs की जानकारी देखते समय TATA.CARS की नई पहचान देख सकते हैं। इसी तरह शोरूम और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी नई ब्रांडिंग दिखाई देने की उम्मीद है।
इसके अलावा विज्ञापन और मार्केटिंग कैंपेन में भी इस नई पहचान का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे कंपनी कार और EV ग्राहकों के लिए ज्यादा एक जैसा और प्रीमियम अनुभव तैयार करने की कोशिश करेगी।
ट्रक और कार की पहचान होगी अलग
Tata Motors का नाम भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में लंबे समय से ट्रक और बस जैसे कमर्शियल वाहनों से भी जुड़ा रहा है। दूसरी ओर, कंपनी की Nexon, Punch, Safari और अन्य पैसेंजर कारों की भी बाजार में मजबूत पहचान है।
ऐसे में TATA.CARS के जरिए कंपनी दोनों कारोबारों की ब्रांड पहचान को ज्यादा स्पष्ट तरीके से अलग करना चाहती है। इससे पैसेंजर व्हीकल बिजनेस को अपनी मार्केटिंग रणनीति, कम्युनिकेशन और ग्राहक अनुभव पर ज्यादा फोकस करने का मौका मिलेगा।
खासतौर पर इलेक्ट्रिक व्हीकल सेगमेंट में कंपनी टेक्नोलॉजी, डिजाइन और नए फीचर्स को केंद्र में रखते हुए अलग पहचान बना सकती है। इस बदलाव का मकसद ग्राहकों के बीच यह स्पष्ट करना भी है कि Tata का पैसेंजर कार बिजनेस एक अलग और आधुनिक ब्रांड अनुभव के साथ आगे बढ़ रहा है।
डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी बदलेगा अनुभव
आज के समय में कार खरीदने से पहले ग्राहक इंटरनेट पर मॉडल, फीचर्स, कीमत और ऑफर्स की जानकारी लेते हैं। इसके अलावा वेबसाइट, मोबाइल ऐप और सोशल मीडिया भी ग्राहक के खरीदारी अनुभव का अहम हिस्सा बन चुके हैं। ऐसे में Tata.CARS की नई पहचान का एक बड़ा फोकस डिजिटल एक्सपीरियंस पर भी हो सकता है।
कंपनी कार और EV ग्राहकों के लिए अलग डिजिटल प्लेटफॉर्म और कम्युनिकेशन तैयार कर सकती है। इससे कमर्शियल व्हीकल से जुड़ी जानकारी और पैसेंजर कारों से संबंधित कंटेंट को अलग रखना आसान होगा। साथ ही ग्राहक को कार खरीदने, सर्विस और अन्य सुविधाओं से जुड़ी जानकारी एक अलग ब्रांड पहचान के तहत मिल सकेगी।
डिमर्जर प्रक्रिया के बीच आया बड़ा बदलाव
Tata Motors अपने कारोबार को अलग-अलग हिस्सों में बांटने की प्रक्रिया में भी आगे बढ़ रही है। इसमें एक तरफ कमर्शियल व्हीकल बिजनेस है, जबकि दूसरी तरफ पैसेंजर व्हीकल और इलेक्ट्रिक व्हीकल कारोबार है। ऐसे में TATA.CARS की नई पहचान को इसी व्यापक कारोबारी बदलाव से जोड़कर देखा जा रहा है।
कंपनी अपने पैसेंजर और EV कारोबार को अलग पहचान देकर भविष्य में इसे एक स्वतंत्र और आधुनिक ऑटोमोटिव ब्रांड के तौर पर मजबूत करना चाहती है। इसके जरिए कंपनी अपने कार कारोबार की मार्केटिंग और ग्राहक रणनीति को भी ज्यादा फोकस्ड बना सकती है।
ग्राहकों के लिए क्या बदलेगा?
अब सबसे बड़ा सवाल है कि इस बदलाव का मौजूदा और नए ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा। दरअसल, ग्राहकों के लिए कार, लोगो और वाहन की मूल पहचान में कोई बड़ा बदलाव नहीं होगा। Tata का पारंपरिक लोगो पहले की तरह कारों पर मौजूद रहेगा और कंपनी का कानूनी नाम भी वही रहेगा।
कार के दस्तावेजों और मौजूदा वाहनों पर इस रीब्रांडिंग का कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। बदलाव मुख्य रूप से शोरूम, वेबसाइट, ऐप, विज्ञापन और अन्य ग्राहक संपर्क वाले प्लेटफॉर्म पर दिखाई देगा। यानी आसान शब्दों में कहें तो कार वही रहेगी, लेकिन उसके आसपास का ब्रांड अनुभव बदल जाएगा। Tata.CARS के जरिए कंपनी अपने पैसेंजर और EV कारोबार को ज्यादा आधुनिक, प्रीमियम और अलग पहचान के साथ आगे बढ़ाने की कोशिश कर रही है।











