OTT पर रिलीज हुई क्राइम-ड्रामा फिल्म ‘रिपोर्टिंग लाइव’ अवैध रेत खनन, भ्रष्टाचार और सत्ता के गठजोड़ की कहानी सामने लाती है. परिणीति चोपड़ा, देवेन भोजानी, अमोल पालेकर, शेखर सुमन और आदिल हुसैन जैसे कलाकारों से सजी यह फिल्म एक ऐसी पत्रकार की कहानी है, जो सच सामने लाने के लिए ताकतवर लोगों से टकराने का जोखिम उठाती है. ध्रुव त्रिपाठी के निर्देशन में बनी यह फिल्म गंभीर सामाजिक मुद्दे को क्राइम थ्रिलर के अंदाज में पेश करती है.
फिल्म की कहानी: रेत के अवैध कारोबार के पीछे छिपा खतरनाक खेल
कहानी की मुख्य किरदार संध्या यादव (परिणीति चोपड़ा) एक साहसी और महत्वाकांक्षी पत्रकार है. उसके साथ कैमरामैन विनोद (देवेन भोजानी) भी काम करता है. दोनों एक गांव में पुल टूटने से हुए हादसे की रिपोर्टिंग करने पहुंचते हैं, जहां कई स्कूली बच्चों की जान चली जाती है.
घटना की पड़ताल करते हुए संध्या को पता चलता है कि इस हादसे के पीछे अवैध रेत खनन की भूमिका हो सकती है. नदियों के प्राकृतिक बहाव में बदलाव, खेती की जमीन को नुकसान और कमजोर होते पुल इस अवैध कारोबार के गंभीर परिणामों की ओर इशारा करते हैं.
जैसे-जैसे संध्या इस मामले की तह तक पहुंचती है, उसे समझ आता है कि यह सिर्फ कुछ अपराधियों का काम नहीं, बल्कि प्रभावशाली लोगों से जुड़े एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा है. इस पूरे मामले में सच सामने लाना उसकी पत्रकारिता के साथ-साथ उसकी जान के लिए भी चुनौती बन जाता है.
परिणीति चोपड़ा ने निभाया दमदार किरदार
संध्या यादव के रूप में परिणीति चोपड़ा एक ऐसी पत्रकार का किरदार निभाती हैं, जो मुश्किल हालात में भी पीछे हटने को तैयार नहीं है. उनका किरदार कहानी को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाता है.
फिल्म की ताकत इसका विषय है. पत्रकारिता, सामाजिक जिम्मेदारी और भ्रष्ट व्यवस्था के बीच संघर्ष को केंद्र में रखकर कहानी दर्शकों को सोचने पर मजबूर करती है. संध्या की जांच के दौरान सामने आने वाले खतरे कहानी में तनाव पैदा करते हैं.
देवेन भोजानी की अदाकारी खास आकर्षण
विनोद के किरदार में देवेन भोजानी फिल्म के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हैं. संध्या के सहयोगी के रूप में उनका किरदार कहानी को जमीन से जोड़ता है. कठिन परिस्थितियों में पत्रकारों को किन चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, फिल्म इस पहलू को भी सामने लाने की कोशिश करती है.
अमोल पालेकर, शेखर सुमन और आदिल हुसैन जैसे अनुभवी कलाकारों की मौजूदगी भी फिल्म को मजबूत कलाकारों का साथ देती है. हालांकि, अलग-अलग किरदारों को कहानी में कितना प्रभावशाली स्थान मिला है, इसका आकलन पूरी फिल्म देखने के बाद ही किया जा सकता है.
अवैध रेत खनन पर गंभीर सवाल उठाती है फिल्म
फिल्म का केंद्रीय मुद्दा अवैध रेत खनन है, जिसे कई इलाकों में पर्यावरण और स्थानीय समुदायों के लिए गंभीर चुनौती माना जाता है. नदियों के पारिस्थितिकी तंत्र को नुकसान, भूमि का कटाव और बुनियादी ढांचे पर पड़ने वाले प्रभाव इसकी कहानी के महत्वपूर्ण हिस्से हैं.
‘रिपोर्टिंग लाइव’ इस विषय को पत्रकारिता की नजर से दिखाती है. कहानी में यह सवाल भी उठता है कि जब अवैध कारोबार के पीछे ताकतवर लोगों का समर्थन हो, तो सच सामने लाने वालों के लिए रास्ता कितना मुश्किल हो जाता है.
निर्देशन और कहानी कैसी है?
ध्रुव त्रिपाठी ने फिल्म के लिए एक गंभीर सामाजिक विषय चुना है. क्राइम ड्रामा के जरिए अवैध खनन और भ्रष्टाचार की पड़ताल करना कहानी को समसामयिक बनाता है.
फिल्म की सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि इसकी जांच-पड़ताल, किरदारों का विकास और रोमांच दर्शकों को कितनी मजबूती से बांधे रखते हैं. उपलब्ध कहानी के आधार पर फिल्म का विषय प्रभावशाली है, लेकिन पटकथा की गति, संवाद और क्लाइमैक्स पर पक्की राय देने के लिए पूरी फिल्म का मूल्यांकन जरूरी है.
देखें या नहीं?
अगर आपको पत्रकारिता, अपराध और सामाजिक मुद्दों पर आधारित फिल्में पसंद हैं, तो ‘रिपोर्टिंग लाइव’ का विषय आपकी रुचि जगा सकता है. अवैध रेत खनन के पीछे के कथित नेटवर्क और उससे प्रभावित लोगों की कहानी फिल्म को गंभीर रंग देती है.
हालांकि, केवल उपलब्ध कहानी और कलाकारों की जानकारी के आधार पर फिल्म को पूरी तरह सफल या असफल कहना उचित नहीं होगा. देखने का फैसला करने से पहले इसकी पूरी समीक्षा और दर्शकों की प्रतिक्रियाएं देखना उपयोगी रहेगा.
फिल्म का नाम: रिपोर्टिंग लाइव (Reporting Live) है। यह क्राइम-ड्रामा फिल्म ध्रुव त्रिपाठी के निर्देशन में बनी है, जिसमें परिणीति चोपड़ा, देवेन भोजानी, अमोल पालेकर, शेखर सुमन और आदिल हुसैन जैसे कलाकार अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। फिल्म की कुल अवधि 1 घंटा 56 मिनट है। प्रदत्त जानकारी के अनुसार, फिल्म 9 अक्टूबर 2026 को रिलीज हुई है और इसे OTT प्लेटफॉर्म Netflix पर देखा जा सकता है।








