Shraddha Kapoor : ‘स्त्री 2’ की सफलता के बाद श्रद्धा कपूर अब अपनी आगामी बायोपिक फिल्म ‘ईथा’ में महाराष्ट्र की महान लावणी और तमाशा कलाकार विठाबाई भाऊ मांग नारायणगांवकर का किरदार निभाती नजर आएंगी। हाल ही में सिनेमाघरों में प्रदर्शित हुए फिल्म के टीजर ने सोशल मीडिया पर सनसनी मचा दी है। कुछ ही पलों की झलक में श्रद्धा का दमदार रूपांतरण और विठाबाई के जीवन की झलक ने दर्शकों की उत्सुकता बढ़ा दी है। फिल्म रिलीज से पहले ही ‘ईथा’ को साल की सबसे चर्चित फिल्मों में शामिल किया जा रहा है और श्रद्धा के अभिनय को लेकर राष्ट्रीय पुरस्कार तक की चर्चाएं तेज हो गई हैं।
टीजर का सबसे प्रभावशाली क्षण वह संवाद है जिसमें विठाबाई कहती हैं, “पड़ी-पड़ी मरी तो बेचारी कहलाऊंगी, नाचते हुए मरी तो मिसाल बन जाऊंगी.” यह संवाद सामने आते ही सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया. कई दर्शकों ने इसे फिल्म का सबसे दमदार पल बताया है. इसके बाद टीजर में विठाबाई के जीवन की विभिन्न झलकियां दिखाई जाती हैं, जिनमें उनकी कला के प्रति दीवानगी, संघर्ष और मंच के प्रति अटूट समर्पण स्पष्ट नजर आता है.
टीजर के सामने आते ही श्रद्धा कपूर की अभिनय क्षमता की जमकर प्रशंसा होने लगी. सोशल मीडिया मंचों पर प्रशंसकों ने उन्हें अब तक के करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन देने वाली अभिनेत्री बताया. कई लोगों ने दावा किया कि यह भूमिका उन्हें राष्ट्रीय पुरस्कार तक पहुंचा सकती है. एक प्रशंसक ने लिखा कि श्रद्धा कपूर का अभिनय, व्यक्तित्व और स्क्रीन उपस्थिति अद्भुत है तथा उन्होंने इस किरदार को पूरी तरह आत्मसात कर लिया है. वहीं दूसरे प्रशंसकों ने कहा कि अभिनेत्री लंबे समय बाद ऐसे किरदार में नजर आ रही हैं, जो उनके अभिनय की नई परतों को सामने लाएगा.
कुछ दर्शकों ने टीजर को वर्ष की सबसे प्रभावशाली पहली झलक बताया. कई प्रतिक्रियाओं में श्रद्धा कपूर के हावभाव, संवाद अदायगी और पारंपरिक मराठी कलाकार के रूप में उनके परिवर्तन की विशेष सराहना की गई. सोशल मीडिया पर लगातार साझा किए जा रहे वीडियो और प्रतिक्रियाओं से यह स्पष्ट हो गया है कि फिल्म ने रिलीज से पहले ही दर्शकों के बीच मजबूत पहचान बना ली है.
‘ईथा’ का निर्देशन प्रसिद्ध फिल्मकार लक्ष्मण उतेकर ने किया है, जो अपने संवेदनशील और यथार्थपरक निर्देशन के लिए जाने जाते हैं. फिल्म महाराष्ट्र की महान लोककलाकार विठाबाई भाऊ मांग नारायणगांवकर के जीवन पर आधारित है. विठाबाई को तमाशा और लावणी कला की सबसे प्रतिष्ठित हस्तियों में गिना जाता है. उन्होंने ऐसे समय में अपनी पहचान बनाई थी जब लोककलाओं से जुड़ी महिला कलाकारों को अनेक सामाजिक चुनौतियों का सामना करना पड़ता था. इसके बावजूद उन्होंने अपने अद्भुत नृत्य, गायन और मंचीय प्रस्तुति के बल पर कला जगत में विशेष स्थान हासिल किया.
फिल्म में विठाबाई के जीवन के कई दशकों की यात्रा को दिखाए जाने की संभावना है. बताया जा रहा है कि कहानी 1940 के दशक से लेकर 1990 के दशक तक के उनके संघर्ष, सफलता और निजी जीवन की घटनाओं को समेटेगी. यह केवल एक कलाकार की कहानी नहीं होगी, बल्कि उस दौर के सामाजिक परिवेश और लोककला की दुनिया को भी दर्शकों के सामने प्रस्तुत करेगी.
फिल्म का निर्माण दिनेश विजान के बैनर के तहत किया गया है. फिल्म में श्रद्धा कपूर के साथ अभिनेता रणदीप हुड्डा और मोहम्मद जीशान अय्यूब भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे. दोनों कलाकार अपनी सशक्त अभिनय क्षमता के लिए जाने जाते हैं, जिससे फिल्म को और मजबूती मिलने की उम्मीद है.
निर्माताओं ने फिल्म की रिलीज की तारीख 28 अगस्त तय की है. यह समय रक्षाबंधन के उत्सव के आसपास का है, जिससे फिल्म को पारिवारिक दर्शकों का भी लाभ मिल सकता है. टीजर को मिली शुरुआती प्रतिक्रिया को देखते हुए फिल्म को लेकर उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं.
फिल्म जगत के जानकारों का मानना है कि यदि फिल्म टीजर में दिखाई गई गुणवत्ता को पूरी कहानी में बनाए रखने में सफल रहती है तो यह श्रद्धा कपूर के करियर की सबसे महत्वपूर्ण फिल्मों में शामिल हो सकती है. साथ ही यह भारतीय लोककलाओं और उनके महान कलाकारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का भी माध्यम बन सकती है.
फिलहाल ‘ईथा’ का कुछ मिनट का टीजर ही दर्शकों के बीच चर्चा का केंद्र बना हुआ है. श्रद्धा कपूर के अभिनय की सराहना और विठाबाई के प्रेरणादायक जीवन की झलक ने यह संकेत दे दिया है कि आने वाले महीनों में यह फिल्म मनोरंजन जगत की सबसे बहुप्रतीक्षित प्रस्तुतियों में से एक रहने वाली है.











