stock market: 11 मई को भारतीय stock market की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। सप्ताह के पहले कारोबारी दिन निवेशकों को बड़ा झटका लगा, जब NIFTY 50 करीब 250 अंक टूटकर 23,900 के स्तर के नीचे पहुंच गया। वहीं BSE SENSEX में 1000 अंकों से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई और यह 76,340 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। शुरुआती कारोबार से ही बाजार में बिकवाली का दबाव देखने को मिला, जिसके चलते लगभग सभी सेक्टर्स लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
ऑटो, बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज, फार्मा, मीडिया, मेटल और पीएसयू बैंक सेक्टर में सबसे ज्यादा दबाव देखा गया। बाजार में बढ़ती अस्थिरता और वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण निवेशकों ने सुरक्षित निवेश की ओर रुख करना शुरू कर दिया, जिसका असर इक्विटी मार्केट पर साफ दिखाई दिया।
stock market टॉप लूजर्स में टाइटन, इंडिगो और SBI
आज के कारोबार में कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में बड़ी गिरावट देखने को मिली। Titan Company, InterGlobe Aviation और State Bank of India निफ्टी के टॉप लूजर्स में शामिल रहे। इन कंपनियों के शेयर 3 फीसदी से ज्यादा टूटकर कारोबार करते दिखाई दिए।
वहीं दूसरी ओर कुछ चुनिंदा शेयरों में तेजी भी देखने को मिली। Tata Consumer Products के शेयरों में 6 फीसदी से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा Max Healthcare के शेयर भी हरे निशान में कारोबार करते नजर आए। हालांकि कुल मिलाकर बाजार का रुख बेहद कमजोर बना रहा।

stock market में गिरावट की बड़ी वजहें
भारतीय stock market में आई इस बड़ी गिरावट की सबसे प्रमुख वजह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल को माना जा रहा है। अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा ईरान के शांति प्रस्ताव को खारिज किए जाने के बाद पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया है। इसके चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ गई और ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतों में करीब 3.5 फीसदी का उछाल दर्ज किया गया।
Brent Crude Oil की कीमतें बढ़कर लगभग 105 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गईं। भारत जैसे देश, जो अपनी तेल जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर हैं, उनके लिए यह स्थिति चिंता बढ़ाने वाली है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें सीधे महंगाई, आयात बिल और रुपये पर दबाव डालती हैं, जिसका असर शेयर बाजार पर भी दिखाई देता है।
stock market इंडिया VIX में उछाल से बढ़ी घबराहट
बाजार में बढ़ती अस्थिरता का अंदाजा India VIX से लगाया जा सकता है। इंडिया VIX में करीब 11.89 फीसदी की तेजी दर्ज की गई और यह 18.82 के स्तर तक पहुंच गया। यह इंडेक्स बाजार में डर और अनिश्चितता को दर्शाता है।
जब VIX तेजी से बढ़ता है, तो इसका मतलब होता है कि निवेशकों के बीच भविष्य को लेकर चिंता बढ़ रही है। ऐसे माहौल में ट्रेडर्स और निवेशक जोखिम लेने से बचते हैं और बाजार में बिकवाली तेज हो जाती है। सोमवार को भी यही स्थिति देखने को मिली, जहां निवेशकों ने मुनाफावसूली और जोखिम कम करने के लिए बड़े पैमाने पर शेयर बेचे।
प्रधानमंत्री मोदी की अपील का असर ज्वेलरी और एविएशन सेक्टर पर
प्रधानमंत्री Narendra Modi द्वारा हाल ही में की गई अपील का असर भी बाजार में देखने को मिला। प्रधानमंत्री ने नागरिकों से गैर-जरूरी सोने की खरीदारी और विदेश यात्राओं से बचने की सलाह दी थी ताकि विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम किया जा सके।

इस अपील के बाद ज्वेलरी कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखने को मिली। Titan Company और Senco Gold सहित कई ज्वेलरी स्टॉक्स में 9 फीसदी तक की गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों को आशंका है कि यदि सोने की मांग घटती है, तो इन कंपनियों की बिक्री और मुनाफे पर असर पड़ सकता है।
इसके अलावा एविएशन सेक्टर में भी दबाव देखने को मिला। प्रधानमंत्री द्वारा गैर-जरूरी विदेश यात्राओं से बचने की अपील के बाद InterGlobe Aviation के शेयरों में 4 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। बाजार को डर है कि यदि लोग यात्रा खर्च कम करते हैं, तो एयरलाइन कंपनियों की कमाई प्रभावित हो सकती है।
stock market रुपये में कमजोरी ने बढ़ाई चिंता
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों का असर भारतीय मुद्रा पर भी देखने को मिला। 11 मई को शुरुआती कारोबार में भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले करीब 40 पैसे कमजोर खुला। विदेशी निवेशकों की बिकवाली और बढ़ते आयात बिल की आशंकाओं ने रुपये पर दबाव बढ़ा दिया।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि पश्चिम एशिया में तनाव लंबे समय तक बना रहता है, तो तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं। इससे भारत का आयात खर्च बढ़ेगा और रुपये में और कमजोरी आ सकती है। रुपये की गिरावट विदेशी निवेशकों के भरोसे को भी प्रभावित करती है, जिससे शेयर बाजार में दबाव बढ़ जाता है।
stock market गिफ्ट निफ्टी ने पहले ही दे दिए थे संकेत
भारतीय बाजार खुलने से पहले ही GIFT NIFTY ने कमजोरी के संकेत दे दिए थे। शुरुआती कारोबार में गिफ्ट निफ्टी लाल निशान में कारोबार कर रहा था, जिससे यह साफ हो गया था कि घरेलू बाजार कमजोर शुरुआत कर सकता है।
इसके अलावा अमेरिकी बाजारों से भी सकारात्मक संकेत नहीं मिले। पिछले सप्ताह मजबूत कॉर्पोरेट नतीजों और रोजगार आंकड़ों के कारण अमेरिकी बाजार रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे थे, लेकिन सोमवार सुबह वहां के फ्यूचर्स बाजार में हल्की गिरावट देखने को मिली। S&P 500 फ्यूचर्स में 0.1 फीसदी और NASDAQ फ्यूचर्स में करीब 0.2 फीसदी की कमजोरी दर्ज की गई। ग्लोबल बाजारों में यह कमजोरी भारतीय निवेशकों के सेंटीमेंट पर भी असर डालती दिखाई दी।

stock market आगे कैसा रह सकता है बाजार का रुख?
विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में बाजार की दिशा काफी हद तक अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों पर निर्भर करेगी। यदि पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ता है और कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी रहती हैं, तो भारतीय बाजार में दबाव जारी रह सकता है।
हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह गिरावट अवसर भी साबित हो सकती है। मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में चरणबद्ध निवेश की रणनीति अपनाई जा सकती है। निवेशकों को फिलहाल जल्दबाजी में फैसले लेने से बचने और वैश्विक संकेतों पर नजर बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।
फिलहाल बाजार में डर और अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है, जिसके चलते आने वाले कुछ कारोबारी सत्रों में उतार-चढ़ाव और बढ़ सकता है।











