नई दिल्ली,(हि.स)। लोकसभा ने सोमवार को चालू वित्त वर्ष 2025-26 के लिए 1,32,268.85 लाख करोड़ रुपये की पहली अनुपूरक अनुदान मांगों को मंजूरी प्रदान कर दी।
इसके साथ ही लोकसभा ने वर्ष 2025-26 के लिए अनुदानों की अनुपूरक मांगें-प्रथम बैच और संबंधित विनियोग (संख्याक 4) विधेयक, 2025 को भी अपनी मंजूरी दे दी।
इससे पहले केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद के निचले सदन लोकसभा में इस विधेयक को पेश किया। सीतारमण ने सदन में विधयेक पर चर्चा का जवाब देते हुए कहा कि पिछले एक दशक में विकास व्यापक हो गया है।
उन्होंने सदन में चालू वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान अतिरिक्त खर्च के लिए मंज़ूरी मांगते हुए कहा कि अच्छे मॉनसून और एक और फसल की संभावना को देखते हुए किसानों की तरफ से यूरिया की मांग बढ़ गई है।
केंद्र सरकार ने अतिरिक्त 1.32 लाख करोड़ रुपये खर्च करने की अनुमति मांगी है। इसमें 41,455.39 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च शामिल है, जिसमें से 90,812.17 करोड़ रुपये का खर्च दूसरे क्षेत्रों में की गई बचत से आएगा।
इसके अलावा उर्वरकों पर बढ़ा हुआ खर्च 45 फीसदी यानी 18,525.1 करोड़ रुपये है, जो पूरक अनुदान की नवीनतम मांग में मांगे गए अतिरिक्त नकदी खर्च का हिस्सा है।
इस विधयेक के पास होने से इसके माध्यम से वित्त वर्ष 2025-26 में सेवाओं के लिए भारत की समेकित निधि से अतिरिक्त व्यय के भुगतान और विनियोजन को अधिकृत किया जाएगा।











