नई दिल्ली: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित अंतरिम ट्रेड डील को लेकर अहम जानकारी सामने आई है। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने साफ किया है कि कुछ चुनिंदा उत्पादों पर 18 प्रतिशत टैरिफ लगाने की चर्चा अब अप्रासंगिक हो चुकी है। भारत ने अमेरिका से आयात होने वाली कई जरूरी दवाओं और मेडिकल प्रोडक्ट्स पर 0 फीसदी टैरिफ लगाने का निर्णय लिया है। माना जा रहा है कि यह समझौता मार्च 2026 के मध्य तक कानूनी रूप ले सकता है।
गंभीर बीमारियों की दवाओं पर बड़ी राहत
पीयूष गोयल के अनुसार, भारत ने कैंसर, हृदय रोग और न्यूरोलॉजिकल ट्रीटमेंट में इस्तेमाल होने वाली कुछ अहम दवाओं पर पूरी तरह से टैरिफ हटाने का फैसला किया है।
इसके साथ ही कुछ मेडिकल उपकरणों को भी शुल्क में छूट देने पर विचार किया जा रहा है, जिनका घरेलू उत्पादन तो शुरू हो चुका है लेकिन फिलहाल उनकी उपलब्धता सीमित है।
सरकार का मानना है कि इस कदम से मरीजों को सस्ता और बेहतर इलाज मिलेगा, जबकि देश के स्वास्थ्य क्षेत्र पर कोई नकारात्मक असर नहीं पड़ेगा।
केमिकल, ड्रिंक्स और ड्राय फ्रूट्स को भी फायदा
भारत अमेरिका से आने वाले ऑर्गेनिक और इनऑर्गेनिक केमिकल्स पर भी टैरिफ में राहत देने की योजना बना रहा है।
शराब, कॉस्मेटिक्स और मेडिकल डिवाइसेज जैसे सेक्टर में पहले ही ड्यूटी कंसेशन दिए जा चुके हैं। वहीं पिस्ता और बादाम जैसे ड्राय फ्रूट्स पर चरणबद्ध तरीके से टैरिफ खत्म करने की रणनीति तैयार की जा रही है।
इसके अलावा सीमित मात्रा में डिस्टिलर्स ड्राइड ग्रेन्स (DDGS) जैसे उत्पादों के आयात को मंजूरी दी जाएगी, जिससे पशुपालन और डेयरी सेक्टर को सीधा फायदा होगा।
अमेरिका से 500 अरब डॉलर की खरीद की योजना
इस अंतरिम डील के तहत भारत अगले पांच वर्षों में अमेरिका से करीब 500 अरब डॉलर के उत्पाद खरीदने की तैयारी में है। इसमें
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एनर्जी प्रोडक्ट्स
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विमान और उनके पुर्जे
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कीमती धातुएं
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टेक्नोलॉजी प्रोडक्ट्स
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कोकिंग कोल
जैसे अहम सेक्टर शामिल हैं। साथ ही आईसीटी प्रोडक्ट्स और मेडिकल डिवाइसेज से जुड़े आयात नियमों को भी सरल बनाया जाएगा।
घरेलू उद्योगों के हित सुरक्षित
पीयूष गोयल ने स्पष्ट किया कि जीरो टैरिफ का यह निर्णय भारत की उत्पादन क्षमता और घरेलू उद्योगों के हितों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, ताकि स्थानीय कारोबार को किसी भी तरह का नुकसान न हो।











