नई दिल्ली: संसद का बजट सत्र की शुरुआत हो चुकी है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण के साथ इस सत्र की शुरुआत हुई। एक फरवरी को केंद्रीय बजट पेश किया जाएगा। इससे पहले सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने बजट सत्र के दौरान ‘विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम’ और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) पर चर्चा की मांग की, जिसे सरकार ने अस्वीकार कर दिया।
राष्ट्रपति के अभिभाषण के बीच विपक्ष का हंगामा, नारेबाजी
अभिभाषण के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्म ने विकसित भारत-जी राम जी कानून का भी जिक्र किया। इस दौरान विपक्षी पार्टियां भड़क गईं और नारेबाजी करने लगीं। राष्ट्रपति ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों और विकास के लिए विकसित भारत-जी राम जी कानून बनाया गया है। राष्ट्रपति के इतना कहते ही विपक्षी सांसदों ने नारेबाजी शुरू कर दी। हालांकि, इस दौरान एनडीए समर्थकों ने मेज थपथपाकर अभिभाषण का समर्थन किया। विपक्षी सांसद इस दौरान वापस लो, वापस लो, ये कानून वापस लो जैसे नारे लगाते रहे। हालांकि, कुछ मिनटों तक नारेबाजी करने के बाद विपक्षी सांसद शांत हो गए और राष्ट्रपति का अभिभाषण जारी रहा।
पूर्वजों के योगदान को याद करने से मिलती है नई पीढ़ी को प्रेरणा- राष्ट्रपति
देश ने श्री गुरु तेग बहादुर जी का 350वां शहीदी दिवस मनाया। बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के मौके पर पूरे देश ने उन्हें श्रद्धांजलि दी और आदिवासी समुदाय के लिए उनके योगदान को याद किया। सरदार पटेल की 150वीं जयंती से जुड़े कार्यक्रमों ने एक भारत श्रेष्ठ भारत की भावना को और मजबूत किया। पूरा देश इस बात का गवाह बना कि कैसे भारत रत्न भूपेन हजारिका की जयंती समारोह ने देश को संगीत और एकता की भावना से भर दिया। जब देश अपने पूर्वजों के योगदान को याद करता है, तो नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है, जो विकसित भारत की ओर हमारी यात्रा को और तेज करती है।











