Friday, April 24, 2026
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उत्तर प्रदेश में बनेगा आउटसोर्स सेवा निगम, कैबिनेट की बैठक में मिली मंजूरी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज लखनऊ के लोकभवन में हुई कैबिनेट की बैठक में 15 प्रस्तावों को मंजूरी मिल गई है।

बैठक के बाद आयोजित प्रेसवार्ता में प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम लिमिटेड के गठन को कैबिनेट ने अपनी मंजूरी दे दी है। इसके माध्यम से अब आउटसोर्सिंग एजेंसियों का चयन सीधे विभाग नहीं करेंगे, बल्कि निगम जेम पोर्टल के माध्यम से निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया से एजेंसी का चयन करेंगे। आउटसोर्स कर्मचारियों का चयन तीन वर्ष के लिये किया जायेगा और उन्हें 16 से 20 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा, साथ ही ईपीएफ और ईएसआई का अंशदान अब सीधे कर्मचारियों के खाते में जायेगा।

इसके अलावा कैबिनेट ने लखनऊ और कानपुर समेत आसपास के कस्बों के लिये सौ-सौ ई बसें खरीदने के प्रस्ताव को कैबिनेट ने स्वीकृति दे दी है। इसके तहत नेट कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट मॉडल पर ई बसों का संचालन किया जायेगा। प्रेसवार्ता में नगर विकास मंत्री ए.के. शर्मा ने बताया कि इससे पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सुविधा और बेहतर होगी।

कैबिनेट की बैठक में इसके अलावा निर्यात प्रोत्साहन नीति 2025-30 को भी मंजूरी मिल गई है। नई नीति में 2020-25 की निर्यात नीति में सुधार करते हुए डिजिटल तकनीकी अवसंरचना, विकास, वित्तीय सहायता, निर्यात ऋण और बीमा, बाजार विस्तार, प्रशिक्षण एवं क्षमता निर्माण पर विशेष बल दिया गया है। नई निर्यात प्रोत्साहन नीति का लक्ष्य वर्ष 2030 तक पंजीकृत निर्यातकों की संख्या में 50 प्रति वृद्धि करना और सभी जनपदों को निर्यात गतिविधियों से जोड़कर क्षेत्रीय संतुलन सुनिश्चित करना है। सरकार का मानना है कि इससे उत्तर प्रदेश को एक सशक्त ग्लोबल एक्सपर्ट हब के रूप में स्थापित करने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा पैतृक सम्पत्ति का बंटवारे के लिये रजिस्ट्री शुल्क अब पांच हजार रुपये किये जाने संबंधी प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूर कर लिया है। शाहजहांपुर में स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय की स्थापना के प्रस्ताव को भी स्वीकृति मिल गई है।

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