केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने ग्वालियर से बेंगलुरु के लिए शुरू की गई नई साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन के शुभारंभ किया। इस अवसर पर रेल भवन से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से मध्य प्रदेश की जनता को संबोधित किया।
उन्होंने कहा कि यह ट्रेन ग्वालियर, गुना, भोपाल सहित मध्य प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के यात्रियों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध होगी, जहाँ से बड़ी संख्या में लोग बेंगलुरु की ओर यात्रा करते हैं। इस अवसर पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय संचार तथा उत्तर-पूर्वी क्षेत्र के विकास मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया, मध्य प्रदेश विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर तथा रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
केंद्रीय रेल मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में मध्य प्रदेश में रेलवे के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति हुई है। एक दशक पूर्व जहाँ राज्य को 600 करोड़ रुपये के आसपास रेल बजट प्राप्त होता था, वहीं वर्तमान में 14,745 करोड़ रुपये का रेल बजट आवंटित किया गया है।
उन्होंने बताया कि मध्य प्रदेश में 100 प्रतिशत रेल विद्युतीकरण पूर्ण किया जा चुका है। बीते 11 वर्षों में राज्य में 2,651 किलोमीटर नई रेल पटरियाँ बिछाई गई हैं, जो डेनमार्क जैसे देश के कुल रेल नेटवर्क से भी अधिक है। राज्य में 80 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास कार्य प्रगति पर है, जिनमें ग्वालियर स्टेशन का विकास विशेष वास्तुकला के साथ किया जा रहा है।
रेल मंत्री वैष्णव ने बताया कि ग्वालियर और आगरा के बीच एक नई यात्री ट्रेन सेवा शुरू करने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही, मध्य प्रदेश में कई महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं को स्वीकृति प्रदान की गई है। इनमें मनमाड–इंदौर नई रेललाइन (309 किमी) 18,036 करोड़ रुपये की लागत से, भुसावल–खंडवा तीसरी और चौथी लाइन 3,514 करोड़ रुपये की लागत से, मानिकपुर–प्रयागराज तीसरी लाइन ₹1,640 करोड़ में तथा रतलाम–नागदा तीसरी और चौथी लाइन 1,018 करोड़ रुपये की लागत से शामिल हैं। बीते एक वर्ष में राज्य में 24,000 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएँ स्वीकृत की गई हैं, जो मध्य प्रदेश के रेल मानचित्र को पूरी तरह बदल देंगी।
सिंहस्थ कुंभ की तैयारियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने बताया कि उज्जैन स्टेशन के पुनर्विकास के लिए मास्टर प्लान तैयार है। स्टेशन पर कार्य सिंहस्थ आयोजन के बाद आरंभ किया जाएगा, जिससे यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। उज्जैन के साथ ही इंदौर सहित आसपास के अन्य स्टेशनों पर भी कार्य तेजी से चल रहा है।











