Friday, April 24, 2026
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एसबीआई रिसर्च: डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ से भारत से ज्यादा अमेरिका को होगा नुकसान

SHABD, नई दिल्लीः एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी टैरिफ का असर भारत से ज़्यादा खुद अमेरिका पर होगा। इससे वहां महंगाई, डॉलर और जीडीपी नकारात्मक रूप से प्रभावित हो सकती है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद भारतीय स्टेट बैंक SBI की एक ताजा रिसर्च रिपोर्ट ने बड़ा खुलासा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, इस टैरिफ का असर भारत की तुलना में अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर कही अधिक पड़ने की संभावना है।

एसबीआई रिसर्च ने चेतावनी दी है कि यह कदम अमेरिका में उच्च महंगाई, कमजोर डॉलर और सकल घरेलू उत्पाद GDP में कमी का कारण बन सकता है। SBI रिसर्च ने इस टैरिफ को ‘बुरा बिजनेस फैसला’ बताया क्योंकि इससे अमेरिका की घरेलू मुद्रास्फीति और उपभोक्ता कीमतों पर नकारात्मक असर पड़ेगा, जबकि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की छिपी हुई ताकतें खुद को समायोजित कर भारत को कुछ राहत देंगी।

 रिपोर्ट कहती है कि अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भारत से ज्यादा झटका लग सकता है क्योंकि वहां जीडीपी में गिरावट, महंगाई में तेजी और डॉलर में कमजोरी के आसार दिख सकते हैं। एसबीआई रिसर्च का अनुमान है कि इन शुल्कों के कारण अमेरिकी उपभोक्ताओं को सालाना औसतन 2400 डॉलर का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ सकता है। वहीं कम आयवर्ग के परिवारों पर यह असर अपेक्षाकृत तीन गुना हो सकता है।

 रिपोर्ट के मुताबिक भारत अपने निर्यात गंतव्यों में विविधता ला चुका है। हालांकि वित्त वर्ष 2024-25 में अमेरिका 20 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ भारत का सबसे बड़ा निर्यात गंतव्य बना रहा, लेकिन शीर्ष 10 साझेदार देशों का कुल हिस्सा 53 प्रतिशत ही है। इससे भारत को अमेरिका पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी।

 एसबीआई रिसर्च ने कहा कि जेनेरिक सस्ती दवाओं के बाजार में भारत अमेरिका की लगभग 47 फीसदी मांग की पूर्ति करता है। यदि अमेरिका उत्पादन को घरेलू या अन्य देशों में स्थानांतरित करता है, तो इसके लिए तीन से लेकर पांच साल की जरुरत होगी। इससे अमेरिकी उपभोक्ताओं को दवाओं की किल्लत और मूल्य वृद्धि का सामना करना पड़ सकता है।

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