इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के दौरान फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron ने बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री Narendra Modi की मौजूदगी में कहा कि फ्रांस 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया शुरू कर रहा है और उन्हें उम्मीद है कि भारत भी इस पहल में शामिल होगा।
मैक्रों ने साफ कहा कि जो चीज़ें वास्तविक दुनिया में बच्चों के लिए स्वीकार्य नहीं हैं, उन्हें इंटरनेट पर भी उपलब्ध नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म, सरकार और नियामक संस्थाओं की जिम्मेदारी है कि वे डिजिटल दुनिया को बच्चों के लिए सुरक्षित बनाएं। उन्होंने इसे केवल नियमों का विषय नहीं, बल्कि “सभ्यता का सवाल” बताया।
यूरोपीय देशों की साझा पहल
मैक्रों ने बताया कि फ्रांस के साथ ग्रीस, स्पेन और अन्य यूरोपीय देश भी बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर सख्त कदम उठाने की दिशा में काम कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत जैसे बड़े डिजिटल देश का इस मुहिम से जुड़ना एक मजबूत संदेश देगा।
उन्होंने कहा, “मुझे विश्वास है कि भारत भी बच्चों और किशोरों की सुरक्षा के लिए इस महत्वपूर्ण पहल में साथ देगा। यह एक बहुत अच्छी खबर होगी।”
‘नमस्ते’ से शुरुआत, भारत की डिजिटल क्रांति की सराहना
मुंबई के स्ट्रीट वेंडर की कहानी से समझाया बदलाव
अपने संबोधन की शुरुआत “नमस्ते” कहकर करते हुए मैक्रों ने भारत की मेजबानी के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि 2024 के अपने स्टेट विज़िट के बाद दोबारा भारत आना उनके लिए खुशी की बात है।
भारत की डिजिटल प्रगति को रेखांकित करते हुए उन्होंने मुंबई के एक स्ट्रीट वेंडर की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि एक दशक पहले वह व्यक्ति बैंक खाता नहीं खुलवा पाता था—न पता, न दस्तावेज़, न कोई औपचारिक पहुंच। लेकिन आज वही व्यक्ति अपने मोबाइल फोन से तुरंत और मुफ्त डिजिटल भुगतान स्वीकार कर रहा है। मैक्रों ने कहा, “यह सिर्फ टेक्नोलॉजी की कहानी नहीं है, यह एक सभ्यता की कहानी है।”
दुनिया में अनोखा डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर
1.4 अरब लोगों के लिए डिजिटल पहचान भारत की उपलब्धियों की सराहना करते हुए मैक्रों ने कहा कि भारत ने वह किया है जो दुनिया का कोई और देश नहीं कर पाया।
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1.4 अरब लोगों के लिए डिजिटल पहचान प्रणाली
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हर महीने 20 बिलियन से अधिक ट्रांज़ैक्शन प्रोसेस करने वाला भुगतान तंत्र
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500 मिलियन से अधिक डिजिटल हेल्थ आईडी जारी करने वाला हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर
उन्होंने इस डिजिटल बदलाव को वैश्विक स्तर पर एक मिसाल बताया।
क्या भारत में भी लगेगा बैन?
अब सवाल यह है कि क्या भारत भी फ्रांस की तरह 15 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने का कदम उठाएगा? यदि ऐसा होता है, तो देश में फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने वाले बच्चों पर सीधा असर पड़ेगा।
हालांकि, इस विषय पर भारत सरकार की ओर से अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, लेकिन एआई समिट में उठी यह मांग आने वाले समय में एक बड़ी नीति बहस का आधार बन सकती है।










