जल्द ही हमारे पास एक ऐसा वाटर फिल्टर होगा जो न केवल प्रदूषकों को पकड़ लेगा, बल्कि सूर्य के प्रकाश, हल्के कंपन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की थोड़ी सी मदद से उन्हें नष्ट भी कर देगा।
कई उद्योग, जैसे कपड़ा से लेकर दवा उद्योग तक मेथलीन ब्लू और कांगो रेड जैसे हानिकारक रंगों से युक्त अपशिष्ट जल को पर्यावरण में फेंक देते हैं। ये प्रदूषक न केवल पानी का रंग बिगाड़ते हैं, बल्कि पारिस्थितिकी तंत्र और मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं, जिससे त्वचा और श्वसन संबंधी बीमारियां और अन्य परेशानियां भी होती हैं।
वर्तमान में इलेक्ट्रोकेमिकल, ओजोन जैसी भौतिक और रासायनिक ऑक्सीकरण तकनीकें इस समस्या के समाधान के रूप में प्रयोग हो रही हैं लेकिन इनमें ऊर्जा अधिक लगती होती है और इसके लिए महंगे रसायनों की आवश्यकता होती है साथ ही यह पर्यावरण के लिए भी खतरनाक हैं।
विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के मोहाली स्थित स्वायत्त संस्थान, नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (INST) के शोधकर्ताओं के एक दल ने बायोडिग्रेडेबल पॉलीलैक्टिक एसिड (PLA) से निर्मित एक 3डी-मुद्रित ढांचा तैयार किया है, जो पीजो-फोटोकैटलिटिक गुणों के लिए जाना जाता है।
इस ढांचे पर डॉ. अविरू बसु ने बिस्मथ फेराइट (BiFeO₃) नामक एक विशेष पदार्थ का लेप लगाया, जो एक उत्प्रेरक है जो प्रकाश और यांत्रिक ऊर्जा के संपर्क में आने पर प्रदूषकों को तोड़ने की अपनी क्षमता के लिए जाना जाता है।
नैनो एनर्जी (Elsevier) पत्रिका में प्रकाशित स्कैफोल्ड और कैटेलिस्ट का यह संयोजन पीजो-फोटोकैटेलिसिस नामक एक शक्तिशाली प्रक्रिया को सक्षम बनाता है, जहां सूर्य का प्रकाश और सूक्ष्म कंपन दोनों उत्प्रेरक को सक्रिय करने में मदद करते हैं। आसमान में बादल होने पर भी, कंपन सुनिश्चित करते हैं कि सफाई बंद न हो। यह पारंपरिक सौर-संचालित शुद्धिकरण की सीमाओं का एक स्मार्ट समाधान है।
यह चित्र BiFeO₃ लेपित 3D-मुद्रित पीएलए सब्सट्रेट के सूर्य के प्रकाश से सक्रिय पीजो-फोटोकैटेलिसिस को दर्शाता है, जो पर्यावरणीय उपचार के लिए टिकाऊ सौर ऊर्जा, उन्नत कटैलिसीस और पूर्वानुमानित मशीन लर्निंग के शक्तिशाली संयोजन का उपयोग करके डाई को प्रभावी ढंग से विघटित करता है।
वैज्ञानिकों ने आर्टिफिशियल न्यूरल नेटवर्क जैसे उपकरणों का उपयोग करके मशीन लर्निंग मॉडल को भी प्रशिक्षित किया है, यह अनुमान लगाने के लिए कि सिस्टम विभिन्न परिस्थितियों में कितना अच्छा प्रदर्शन करेगा। मॉडल ने 99% तक का सटीकता स्कोर हासिल किया, जिससे टीम को अधिकतम दक्षता के लिए अपने सिस्टम को बेहतर बनाने में मदद मिली।
हाइब्रिड सिस्टम ने अपशिष्ट जल के नमूनों से 98.9% कांगो रेड (सीआर) और 74.3% मेथिलीन ब्लू (एमबी) को हटा दिया, जो वर्तमान उच्च-स्तरीय उपचार विधियों से बेहतर है।
यह नवाचार बायोडिग्रेडेबल और पर्यावरण के अनुकूल है, कम लागत वाला और दोबारा इस्तेमाल करने योग्य है, यह अपशिष्ट और अत्यधिक रासायनिक उपयोग से बचाता है और अत्यधिक कुशल और मापने योग्य है।
यह विभिन्न उद्योगों और यहां तक कि दूरदराज के समुदायों में अनुकूलन के लिए तैयार है और जीवाश्म ईंधन के बजाय सूर्य के प्रकाश और कंपन का उपयोग करके नवीकरणीय ऊर्जा द्वारा संचालित है।
शोधकर्ताओं ने इसे संभव बनाने के लिए सोल-जेल विधि के माध्यम से बीएफओ नैनोपार्टिकल उत्प्रेरक को संश्लेषित किया, पीएलए ढांचों की 3डी प्रिंटिंग विकसित की, डाई क्षरण के लिए कोटिंग और परीक्षण किया और प्रदर्शन की भविष्यवाणी करने के लिए मशीन लर्निंग मॉडल विकसित किए।








