Homeजन-मनतनावमुक्त एवं संतुलित जीवन की ओर सार्थक पहल हेतु “निरामय” कार्यशाला आयोजित

तनावमुक्त एवं संतुलित जीवन की ओर सार्थक पहल हेतु “निरामय” कार्यशाला आयोजित

जबलपुर। फेडरेशन ऑफ मध्यप्रदेश चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री एवं डायवेल कोर फाउंडेशन, जबलपुर के संयुक्त तत्वावधान में “निरामय” शीर्षक से तनाव प्रबंधन, स्वास्थ्य संतुलन एवं आनंदित जीवन पर आधारित एक प्रेरणादायी कार्यशाला का आयोजन गत दिवस किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपने स्वागत उद्बोधन में फेडरेशन के उपाध्यक्ष हिमांशु खरे ने कहा कि यह आयोजन केवल एक कार्यशाला नहीं, बल्कि चेतना का आह्वान है। आज उपलब्धियाँ बढ़ रही हैं, पर संतोष घट रहा है, साधन बढ़ रहे हैं, पर शांति कम हो रही है। ऐसे समय में स्वयं से पुनः जुड़ना अत्यंत आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि वर्तमान जीवनशैली में तनाव अपवाद नहीं, बल्कि सामान्य स्थिति बन चुका है। व्यवसाय, प्रशासन, पेशेवर जीवन और पारिवारिक दायित्वों के बीच व्यक्ति स्वयं के मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य की अनदेखी कर देता है। “निरामय” का उद्देश्य इसी असंतुलन को सकारात्मक दिशा देना है

रिवर्सल की तकनीक – कार्यशाला में मुंबई से पधारे सुप्रसिद्ध हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ अक्षय मेहता ने रिवर्सल ऑफ हार्ट डिजीज, रिवर्सल ऑफ डायबिटीज तथा रिवर्सल ऑफ ब्लड प्रेशर पर रोचक व्याख्यान पेश किया। उन्होंने इस अवसर पर बताया कि मानव शरीर में विभिन्न रोगों से उपजी विसंगतियों को खान-पान, संतुलित जीवन शैली एवं व्यायाम के माध्यम से किस तरह रिवर्स किया जा सकता है। उन्होंने उपस्थित जन समुदाय के विभिन्न प्रश्नों का जवाब दिया तथा उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।

तनाव प्रबंधन – कार्यशाला के सह आयोजक डायवेल कोर फाउंडेशन के संस्थापक चिकित्सक डॉक्टर परिमल स्वामी ने अपने उद्बोधन में शॉर्ट टर्म तकनीक का प्रस्तुतीकरण दिया की किस तरह से छोटे-छोटे प्रयासों से व्यक्ति फिट रह सकता है। उन्होंने कहा कि विरासत में पायी गयी (परिवारिक ) बीमारियां जैसे हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीस, हृदय रोग को भी एक आदर्श जीवनचर्या के द्वारा रोका जा सकता है या उनकी तीव्रता को कम किया जा सकता है। डॉ स्वामी ने बताया कि मांसपेशियों की ताकत भविष्य में होने वाले रोगों का एक बहुत बड़ा परिचायक है। मांसपेशियों की ताकत बढ़ाने वाले व्यायाम और फिटनेस बढ़ाने वाली एयरोबिक एक्सरसाईस मृत्यु दर को कम कर सकते हैं।

उन्होंने खानपान को लेकर भी उपस्थित व्यक्तियों की शंकाओं का समाधान किया तथा बताया कि कितनी मात्रा में एक व्यक्ति को कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन, फैट का सेवन करना चाहिए और तनाव मुक्त जीवन तथा मानसिक संतुलन से जीवन में जीवन को किस तरह बेहतर बनाया जा सकता है।

मन की शक्ति सर्वोपरि – कार्यशाला के मुख्य अतिथि महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने इस अवसर पर बताया की तनाव तो जीवन का एक हिस्सा बन गया है जिसको की नियंत्रित किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा की चिकित्सक की राय का पालन हर समय करना चाहिए साथ ही साथ हर परिस्थिति में अपने आप को मजबूत रखना चाहिए क्योंकि मन का हारे हार है मन का जीते जीत।

आयोजन में बड़ी संख्या में नगर के प्रमुख व्यापारिक सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि, युवा वर्ग, महिलाएं उपस्थित थीं। आयोजन में विभिन्न कंपनियों के स्टॉल भी थे जो कि जनाकर्षण का केंद्र बने हुए थे।

आगंतुकों का उक्त अवसर पर निःशुल्क शुगर टेस्ट, मांसपेशियों का शक्ति परीक्षण आदि किया गया। कार्यक्रम का संचालन विनोद शर्मा ने किया तथा आयोजन को सफल बनाने में हिमांशु राय, मनु शरत तिवारी, अरुण पवार, सुनील श्रीवास्तव अजीत पवार, मजहर अली का सहयोग प्राप्त हुआ।

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