नई दिल्ली। आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 जैसे-जैसे निर्णायक दौर की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे टीमों के सामने चोट की चुनौती भी बड़ी होती जा रही है। श्रीलंका और न्यूजीलैंड दोनों को अहम खिलाड़ियों के बाहर होने से बड़ा झटका लगा है।
श्रीलंका के स्टार ऑलराउंडर वानिंदु हसरंगा बाएं हैमस्ट्रिंग की चोट के कारण टूर्नामेंट से बाहर हो गए हैं। उन्हें यह चोट 8 फरवरी को आयरलैंड के खिलाफ मैच के दौरान लगी थी। हसरंगा का बाहर होना श्रीलंका के लिए बड़ा नुकसान माना जा रहा है, क्योंकि वह गेंदबाजी में विकेट निकालने के साथ-साथ निचले क्रम में तेज रन बनाकर मैच का रुख बदलने की क्षमता रखते हैं।
उनकी जगह दुशान हेमंथा को टीम में शामिल किया गया है। हेमंथा अब तक पांच वनडे और तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैच खेल चुके हैं। भले ही उनका अनुभव सीमित है, लेकिन टीम प्रबंधन उन्हें भविष्य के निवेश के तौर पर देख रहा है। अब सबकी नजर इस बात पर होगी कि क्या वह बड़े मंच के दबाव में खुद को साबित कर पाते हैं और हसरंगा की कमी को भर सकते हैं या नहीं।
न्यूजीलैंड को भी लगा झटका
उधर न्यूजीलैंड के माइकल ब्रेसवेल भी चोटिल हो गए हैं। 8 फरवरी को चेन्नई में अफगानिस्तान के खिलाफ अभ्यास सत्र के दौरान उनकी पिंडली (काफ) में चोट लग गई। टूर्नामेंट के बीच किसी अहम खिलाड़ी का बाहर होना टीम की रणनीति पर सीधा असर डाल सकता है।
इवेंट टेक्निकल कमेटी की अहम भूमिका
दोनों टीमों के प्रतिस्थापन खिलाड़ियों को आईसीसी पुरुष टी20 विश्व कप 2026 की इवेंट टेक्निकल कमेटी (ETC) ने मंजूरी दी है। किसी भी खिलाड़ी को आधिकारिक रूप से टीम में शामिल किए जाने से पहले ETC की स्वीकृति अनिवार्य होती है।
इस कमेटी में वसीम खान (आईसीसी महाप्रबंधक – क्रिकेट और आईसीसी प्रतिनिधि), गौरव सक्सेना (आईबीसी प्रतिनिधि), हेमंग अमीन (मेजबान प्रतिनिधि) और शॉन पोलॉक (स्वतंत्र प्रतिनिधि) शामिल हैं।
कुल मिलाकर, टी20 विश्व कप 2026 का यह चरण सिर्फ मैदान पर मुकाबलों का नहीं, बल्कि रणनीति, संयम और परिस्थितियों से जूझने की परीक्षा भी है। हर चोट और हर बदलाव टूर्नामेंट की दिशा बदलने की क्षमता रखता है।











