ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के जरिए मध्य प्रदेश में रिन्युएबल एनर्जी और थर्मल एनर्जी के क्षेत्र बड़ी सौगात मिलने वाली हैं। प्रदेश में परमाणु ऊर्जा की 600 मेगावॉट क्षमता की 7 यूनिट लगेंगी। साथ ही थर्मल एनर्जी की 600 मेगावाट क्षमता की दो यूनिट लगेगी।
परमाणु ऊर्जा के प्लांट के लिए 80 हजार करोड़ रुपए का निवेश होगा। इसमें नेशनल थर्मल पावर कॉरपोरेशन (एनटीपीसी) के द्वारा परमाणु ऊर्जा के ग्रीनफील्ड के 2 पावर प्लांट लगाए जाएंगे। रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन कॉरपोरेशन द्वारा कैपिटल वर्क लोन के जरिए 21 हजार करोड़ रुपये का निवेश भी शामिल है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार परमाणु ऊर्जा और थर्मल एनर्जी की यूनिट के लिए अप्रूवल मिल चुका है। पावर फाइनेंस कॉरपोरेशन द्वारा कैपिटल वर्क लोन के जरिए 26 हजार 800 करोड़ रुपये के निवेश की तैयारी की जा रही है।
इसमें एनटीपीसी ग्रीन के 20 गीगावॉट के पावर जनरेशन पर होने वाले 1.2 लाख करोड़ रुपए का निवेश भी शामिल है। दो औद्योगिक घराने पहले ही प्रदेश के ट्रांसमिशन सेक्टर में 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश करने का अनुबंध कर चुके हैं।
उल्लेखनीय है कि देश के दो बड़े औद्योगिक घराने अदाणी पावर और हैदराबाद के मेधा इंजीनियरिंग ग्रुप पहले ही प्रदेश में ट्रांसमिशन के क्षेत्र में 3,000 करोड़ रुपये से ज्यादा का निवेश करने के अनुबंध कर चुके हैं। इन दोनों औद्योगिक घरानों के द्वारा प्रदेश में एक्स्ट्रा हाई टेंशन सब-स्टेशन का निर्माण किया जा रहा है।










