Friday, April 17, 2026
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दुर्घटना में पत्नी का मिसकैरिज भू्रण लेकर हाईकोर्ट पहुंचा युवक..!

जबलपुर। एमपी हाईकोर्ट के गेट नम्बर 6 पर आज दोपहर के वक्त हड़कम्प मच गया, जब एक युवक बैग के अंदर पॉलीथिन में लिपटा भ्रूण लेकर पहुंच गया। गेट पर मौजूद पुलिस सुरक्षा कर्मियों ने सिविल लाइन थाना पुलिस को सूचना दी। इसके बाद उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया।

पूछताछ में उसने बताया है कि एक मार्च को एक्सीडेंट हो गया था। जिसके चलते 8 मार्च को पत्नी का मिसकैरेज हो गया। कोर्ट में भ्रूण लाने वाले व्यक्ति का नाम दया शंकर पांडे है।

वह रीवा जिले के बैकुंठपुर स्थित नदना गांव का रहने वाला है। उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर करते हुए बताया था कि उस पर लगातार हमले हो रहे हैं। पुलिस भी कार्रवाई नहीं कर रही है।

मामले की वह स्वयं पैरवी कर रहा है। दया शंकर पांडे की आज हाईकोर्ट में सुनवाई होनी थी। दोपहर को वह सुनवाई से जुड़े दस्तावेज लेकर पहुंचा, इस दौरान उसने भ्रूण भी उसी बैग में रखा हुआ था।

दया शंकर पांडे का कहना है कि जिस फर्म में वह काम कर रहा था, उसी के मालिकों से विवाद चल रहा था। साथ ही गांव में ही जमीनी विवाद चल रहा है, जिस के चलते उन पर हमला करवाया जा रहा है। दया शंकर पांडे ने बताया कि एक मार्च को जब पत्नी के साथ घर जा रहा था।

तभी रास्ते में उसका एक्सीडेंट हो गया। जिसमें पत्नी को गंभीर चोट आई। 8 मार्च को पत्नी के पेट में पल रहे गर्भ का मिसकैरेज हो गया। दयाशंकर पांडे का कहना है कि 2024 में विधानसभा-लोकसभा का निर्दलीय चुनाव लड़ा था। चुनाव में हार मिली।

इसके बाद उस पर हमला होना शुरू हो गए। तीन साल के भीतर दयाशंकर पांडे और उसके परिवार पर चार से पांच बार हमला हो चुका है।

जिसकी शिकायत उसने संबंधित थाना पुलिस भी की, हर बार पुलिस यह कहती है कि विवाद का पुख्ता सुबूत लेकर आओ। रीवा पुलिस की लापरवाही और कार्रवाई ना करने को लेकर आईजी और कमिश्नर से भी शिकायत पर कुछ नहीं हुआ।

थक-हार कर हाईकोर्ट में दायर की याचिका-

दया शंकर पांडे ने बताया कि लगातार उस पर हो रहे हमले और पुलिस की कार्यप्रणाली के खिलाफ थक.हार कर उसने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थीए जिसकी आज सोमवार को सुनवाई होनी थी।

आज दयाशंकर पांडे सुनवाई के लिए हाईकोर्ट पहुंचा। इस दौरान उसने दस्तावेजों के साथ बैग में भ्रूण भी रखा हुआ था। गेट पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने दयाशंकर पांडे को पकड़कर सिविल लाइन थाना पुलिस के हवाले कर दिया।

दयाशंकर पांडे का कहना है कि लगातार शिकायत की गईए और जब कार्रवाई नहीं हुई तो उसने राष्ट्रपति के नाम पत्र लिखते हुएए इच्छामृत्यु की मांग की है। पीडि़त का कहना है कि आज भी सुनवाई थीए जहां भ्रूण लेकर पहुंचा था।

करियापाथर शमशान में भू्रण को दफन कराया-

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि हाईकोर्ट में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने दयाशंकर को सिविल लाइन थाना पुलिस के हवाले किया था।

जिसके बाद करिया पाथर शमशान घाट में भ्रूण का पुलिस और दयाशंकर पांडे की मौजूदगी में दफनाया गया।

सिविल लाइन पुलिस ने दयाशंकर पांडे को समझाइश दिया और बैकुंठपुर पुलिस से बात करने के बाद उनके संज्ञान में यह जानकारी दी। दयाशंकर को यह भी आश्वासन दिया है कि पुलिस उसकी मदद करेगी।

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