जबलपुर। एमपी के जबलपुर स्थित चरगवां में शव दफनाने को लेकर दो पक्षों के बीच टकराव हो गया। देखते ही देखते ग्रामीणों के साथ हिंदू संगठन के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए।
शव दफनाने का विरोध करना शुरू कर दिया। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं का कहना है कि जिस जमीन पर शव को दफन किया जा रहा है वह चारागाह की है। जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि यहां पर सालों से कब्रिस्तान है और हमेशा से शवों को यहीं पर दफनाया जाता है।
विवाद की खबर मिलते ही पुलिस-प्रशासन की टीम मौके पर पहुंचे और दोनों पक्ष के लोगों को समझाया। अभी वहां एसडीएम की उपस्थिति में जमीन का नाप किया जा रहा है।
इधर प्रशासन की कार्रवाई से नाराज हिंदू संगठनों ने जबलपुर-गोटेगांव रोड पर बैठकर चक्काजाम कर दिया है। ग्राम बड़ैयाखेड़ा में रहने वाली एक बुजुर्ग महिला की लंबी बीमारी के बाद मौत हो गई।
आज एक विशेष समुदाय को लोग शव लेकर पहुंचे और जब शव को दफनाने लगे। खबर मिलते ही हिंदू संगठन के कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए, जिन्होने कहा कि यह जमीन हमारी है, जो कभी चारागाह रही।
जबकि विशेष समुदाय के लोगों का कहना है कि कई सालों से यहां पर पूर्वज अंतिम संस्कार करते आ रहे हैं।
कई साल पहले सरकारी स्कूल था-
खबर है कि कई साल पहले इस जमीन पर सरकारी स्कूल हुआ करता था। धीरे-धीरे जीर्ण होता गया और फिर स्कूल को दूसरी जगह बनाकर शिफ्ट कर दिया गया।
इसके बाद गांव में रहने वाले दोनों समुदाय के लोगों की नजर इस जमीन पर थी। चार साल पहले 2022 में गांव में ही रहने वाले विशेष समुदाय के लोगों ने तार की दीवार खड़ी करते हुए, बोर्ड भी लगा दिया।
जिस पर हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने अपत्ति की तो जिला प्रशासन ने वहां पर ताला लगा दिया और चाबी अपने पास रख ली।
हंगामे की खबर मिलते ही पहुंचे अधिकारी-
हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि देर रात को मृतक महिला के परिवार वाले तहसीलदार के पास जाकर चाबी ले आए और शव को दफनाने लगे।
आज हंगामे की खबर मिलते ही पुलिस व जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए थे, जिन्होने चर्चा के दौरान विवाद को शांत कराया। एसडीएम ने पटवारी और आरआई को मौके पर बुलाकर जमीन की नाप करवाना शुरू कर दिया है।











