जबलपुर। एमपी के जबलपुर में जिला प्रशासन और नगर निगम ने वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ हेमलता श्रीवास्तव के निधन के बाद करीब 25 हजार वर्गफीट बेशकीमती जमीन को सील कर दिया है। राइट टाउन स्थित इस संपत्ति पर नोटिस चस्पा कर घर और आसपास की प्रॉपर्टी को भी सील किया गया है।
प्रशासन की कार्रवाई में डॉ श्रीवास्तव के भवन के साथ-साथ डॉक्टर जैन दंपति को दी गई प्रॉपर्टी भी शामिल है। नगर निगम का कहना है कि लीज की शर्तों का उल्लंघन करते हुए इस जमीन को बिना अनुमति गिफ्ट किया गया थाए जो नियमों के खिलाफ है। देर रात कलेक्टर के निर्देश पर प्रशासन और नगर निगम की टीम ने मौके का निरीक्षण किया। मामले में अगली सुनवाई 27 फरवरी को आधारताल एसडीएम कोर्ट में तय की गई है।
हां आगे की कानूनी प्रक्रिया पर निर्णय लिया जाएगा। डॉ हेमलता श्रीवास्तव का रविवार शाम निधन हो गया था। सोमवार को पोस्टमॉर्टम के बाद उनका अंतिम संस्कार गौरी घाट में किया गया। उनकी छोटी बहन शांति मिश्रा और गायत्री परिवार के एक सदस्य ने मुखाग्नि दी। डॉ श्रीवास्तव के पति और बेटे का पहले ही निधन हो चुका है। दिसंबर 2025 में पति के गुजरने के बाद वे अकेली रह रही थीं। डॉ श्रीवास्तव की प्रॉपर्टी को लेकर कई पार्टियों ने दावे किए हैं।
गायत्री मंदिर ट्रस्ट का दावा है कि डॉक्टर अपनी पूरी प्रॉपर्टी ट्रस्ट को देना चाहती थीं। वहीं डॉ सुमित जैन का दावा है कि 2 जनवरी को उनके परिवार को मेमोरियल हॉस्पिटल बनाने के लिए 11000 स्क्वायर फीट जमीन दान में दी गई थी। नगर निगम के अनुसारए राइट टाउन एक्सटेंशन में लीज प्लॉट नंबर 51 नगर निगम की जमीन है। जिसे बिना इजाजत के दान कर दिया गया था। इसके अलावा 2020-21 से लीज का किराया नहीं दिया गया है। जांच में बिना इजाजत के कमर्शियल गतिविधियों के संकेत भी मिले।
24 घंटे के अंदर लीगल डॉक्यूमेंट्स जमा करने का आदेश-
असिस्टेंट कमिश्नर शिवांगी महाजन ने 24 घंटे के अंदर लीगल डॉक्यूमेंट्स जमा करने का आदेश दिया है। कॉर्पोरेशन लीज कैंसिल करने समेत आगे की लीगल कार्रवाई करेगा। अभी सीनियर सिटिजन्स मेंटेनेंस एक्ट समेत कई पहलुओं पर जांच चल रही है। इस पूरे मामले ने शहर में एक बड़ा लीगल विवाद खड़ा कर दिया है।











