बिजली कंपनी प्रबंधन ने सागर ओएण्डएम सर्किल के अधीक्षण अभियंता डीएन चौकीकर का ट्रांसफर कर कटनी कर दिया गया है, वहीं सागर रीजन के मुख्य अभियंता कार्य में पदस्थ अधीक्षण अभियंता श्रीमती चंद्ररेखा प्रभाकर को सागर ओएण्डएम सर्किल के अधीक्षण अभियंता के पद पर पदस्थ किया गया है।
उल्लेखनीय है कि सागर जिले की कालोनियों में सब-स्टेशन और ट्रांसफार्मर की स्थापना की स्वीकृति में हुये बड़े भ्रष्टाचार और ट्रांसफार्मर गायब होने के मामले की जांच में तत्कालीन मुख्य अभियंता सहित अनेक बिजली अधिकारी संदेह के घेरे में हैं और कंपनी प्रबंधन इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करा रहा है।
हालांकि जांच अभी तक भले ही शुरू न हो पाई हो लेकिन विद्युत सूत्रों की मानें तो इस भ्रष्टाचार में शामिल रहे अधिकारियों पर गाज गिरना आरंभ हो गया है। सागर संभाग में पहले छतरपुर जिले के बिजावर डिवीजन में पदस्थ कार्यपालन अभियंता सर्वेश शुक्ला को सहायक अभियंता बना रीवा ट्रांसफर किया गया तो सागर की कालोनियों में हुये भ्रष्टाचार में लिप्त अधीक्षण अभियंता डीएन चौकीकर को सागर से हटाकर कटनी ट्रांसफर कर दिया गया है।
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ज्ञात रहे कि सागर निवासी अनुभव चतुर्वेदी के द्वारा मुख्यमंत्री को की गई शिकायत पर पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी ने जांच शुरु की है, जिसमें तीन बड़े अधिकारियों की कमेटी बनाई गई पर कमेटी पर जांच न करने के दबाव के चलते अभी तक जांच शुरु नहीं हो सकी है, पर भ्रष्टाचार में लिप्त अधिकारियों पर गाज गिरना चालू हो गया है। अब देखना होगा कि यह जांच कब तक पूरी होगी तथा जांच में और किस-किस अधिकारी पर गाज गिरेगी।
गौरतलब है कि इससे पहले भी सागर ओएण्डएम सर्किल के अधीक्षण अभियंता डीएन चौकीकर और सागर पदस्थ रहे एचआर मैनेजर बलराम बारिया के बीच आऊटसोर्स कर्मियों की भर्ती में भ्रष्टाचार को लेकर एक आडियो वायरल हुआ था। जिस पर कुछ संगठनों ने इसकी शिकायत भी की थी, पर उस समय जांच को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था। खैर आगे जो भी हो पर प्रबंध संचालक द्वारा भ्रष्ट अधिकारियों के विरुद्ध की जा रही कार्यवाही से मुख्यालय से लेकर डीसी तक हडकंप मचा हुआ है।












