बिजली कंपनी की स्व-अध्ययन तथा उन्नति नीति के तहत कर्मियों को 50 हजार रुपये दिए जाएंगे, इससे कौशल विकास, ज्ञान संवर्धन को बढ़ावा मिलेगा। मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कम्पनी ने अपने कार्मिकों के सतत् कौशल विकास, ज्ञान संवर्धन एवं शैक्षणिक उन्नयन को बढ़ावा देने हेतु स्व-अध्ययन तथा उन्नति नीति (सेल्फ लर्निंग एन्ड एडवांसमेंट पॉलिसी) लागू की है।
इस नीति के अंतर्गत अब सभी अभियंता व कार्मिक अपने नियमित कार्यालयीन कर्तव्यों के साथ-साथ कम्पनी के कार्यक्षेत्र से संबंधित विषयों में पार्ट-टाइम, ऑनलाइन अथवा दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से प्रमाण-पत्र पाठ्यक्रम (Certificate Courses), डिप्लोमा, डिग्री, एमटेक, एमबीए, बीटेक, एलएलबी, एलएलएम,एमसीए व पीएचडी जैसे अनेक शैक्षणिक पाठ्यक्रम में प्रवेश ले सकेंगे।
पावर जनरेटिंग कंपनी एक लर्निंग आर्गेनाइजेशन
मध्य प्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने कहा कि पावर जनरेटिंग कंपनी स्वयं को एक लर्निंग ऑर्गेनाइजेशन मानती है। कंपनी अपने कार्मिकों के व्यावसायिक विकास, ज्ञान विस्तार व शैक्षणिक प्रगति के लिए सतत् प्रतिबद्ध है
निरंतर सीखने से कंपनी के समग्र प्रदर्शन में होगा सुधार
प्रबंध संचालक मनजीत सिंह ने कहा कि यह नीति कर्मचारियों में आत्म-प्रेरणा, निरंतर सीखने की प्रवृत्ति और व्यावसायिक उत्कृष्टता की भावना को प्रोत्साहित करती है। नवीन ज्ञान और दृष्टिकोण के कारण कर्मचारी अपने कार्य में नवीन समाधान, तकनीकी सुधार और उच्च गुणवत्ता ला सकेंगे जिससे कम्पनी के समग्र प्रदर्शन में सुधार होगा।
नौकरी के साथ उच्च शिक्षा का लाभ
सेल्फ लर्निंग एन्ड एडवांसमेंट पॉलिसी लागू होने से पावर जनरेटिंग कंपनी के कार्मिक को दोहरा लाभ होगा। वे अपने कार्यालयीन कार्यों के साथ ऑनलाइन, पार्ट-टाइम व दूरस्थ शिक्षा जैसे विकल्पों के साथ उच्च शिक्षा हासिल कर सकेंगे। इससे कार्मिक के समय और बाहर जाकर अध्ययन करने की समस्या का समाधान होगा।
कैसे ले सकेंगे पाठ्यक्रम में प्रवेश
पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए इच्छुक अभियंता व कार्मिकों मुख्य अभियंता मानव संसाधन एवं प्रशासन को निर्धारित प्रारूप में आवेदन प्रस्तुत करना होगा। इस नीति के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु अधीक्षण अभियंता प्रशिक्षण को नीति समन्वयक नियुक्त किया गया है।
कार्मिकों को मिलेगी फीस में रियायत
कर्मचारियों को उच्च शिक्षा हेतु प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से कंपनी ने पाठ्यक्रम शुल्क का अर्द्ध-भुगतान (50% तक) करने का प्रावधान भी रखा गया है। इसकी अधिकतम सीमा 50 हजार रुपये होगी। यह सुविधा केवल मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालयों व संस्थानों से किए गए अनुमोदित पाठ्यक्रमों के लिए लागू होगी।
नीति के लागू होने पर कंपनी के डायरेक्टर मिलिन्द भान्दक्कर, सुबोध निगम व मुख्य अभियंता मानव संसाधन व प्रशासन डीके कश्यप ने अभियंताओं व कार्मिकों को बधाई दी और कार्मिकों से अपेक्षा की कि वे अधिक से अधिक संख्या में इस नीति का लाभ उठाएंगे।











