Homeमध्य प्रदेशशोकॉज नोटिस और सीआर खराब करने का डर दिखाकर लाईन कर्मियों से...

शोकॉज नोटिस और सीआर खराब करने का डर दिखाकर लाईन कर्मियों से अनुचित कार्य करवाते हैं बिजली अधिकारी

बिजली कंपनी के वितरण केंद्रों में पदस्थ नियमित एवं संविदा लाइन कर्मियों को मैदानी अधिकारी बेबात-बेवजह सीआर खराब करने का डर दिखाकर और शोकॉज नोटिस देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे हैं और उनके अनुचित और अवैधानिक कार्यों में सम्मिलित होने का अनुचित दबाव भी बनाते हैं।

मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासचिव हरेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि मैदानी अधिकारी नियमित एवं संविदा लाइन कर्मियों के साथ ही आउटसोर्स लाइन कर्मियों और स्टाफ को भी अकारण ही नौकरी से निकालने की धमकी देते हैं और कार्यवाही का डर दिखाकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं और अनुचित और अवैधानिक कार्य भी करवाते हैं।

हरेन्द्र श्रीवास्तव का कहना है कि बिजली अधिकारियों पर हुई लोकायुक्त की पिछली कुछ कार्यवाहियों और विभागीय जाँचों में मैदानी बिजली अधिकारियों के साथ ही लाइनकर्मी भी दोषी पाए हैं। खास तौर पर लोकायुक्त की कार्यवाही में ये बात निकलकर सामने आयी है कि अधिकारी दबाव बनाकर अपने अनुचित और अवैधानिक कार्य लाइन कर्मियों से करवाते हैं और अवैधानिक कृत्यों का खुलासा होने पर लाइन कर्मियों को ही दोषी ठहरा दिया जाता है।

हरेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि इसके अलावा अधिकारी लाइन कर्मियों से जोखिमपूर्ण कार्य से संबंधित मेंटेनेंस, राजस्व वसूली, मीटर रीडिंग आदि का कार्य कराते हैं। इतना ही नहीं अधिकारी स्वयं कभी भी साइट पर नहीं जाते हैं और न ही कार्य में सहयोग करते हैं। सारी जिम्मेदारी लाइन कर्मियों को कर सौंप दी जाती है, लेकिन जरा सी चूक हो जाने पर अधिकारी शोकॉज नोटिस और वेतन वृद्धि रोकने की धमकी देते हुए तानाशाही पर उतर आते हैं।

वहीं अवकाश के दिन बुलाने के लिए नियमानुसार आदेश नहीं निकालते, अवकाश नहीं देते, अवकाश की बात करो तो अधिकारी बोलते हैं कि नेतागिरी करते हो, मतलब कि किसी भी प्रकार से लाइन कर्मी के ऊपर आरोप लगाकर मार्च माह में उनकी सीआर खराब करने की पूरी तैयारी अधिकारियों के द्वारा कर दी गई है। हरेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि लाइन कर्मी कितना भी मेंटेनेंस कर लें, राजस्व वसूली करके बिजली कंपनी को शिखर पर पहुंचा दें, मगर प्रबंधन के द्वारा लाइन कर्मियों का भाग्य (सीआर) लिखने का अधिकार अधिकारियों को दे दिया जाता है और वे इसका अनुचित लाभ उठाकर मनमानी करते हैं।

संघ के शशि उपाध्याय, मोहन दुबे, राजकुमार सैनी, लखन सिंह राजपूत, पीएन मिश्रा, इंद्रपाल सिंह, विपतलाल विश्वकर्मा, विनोद दास, अशोक पटेल, महेश पटेल आदि ने विद्युत वितरण कंपनी प्रबंधन से मांग की है कि विद्युत तंत्र को शिखर पर पहुंचाने वाले नियमित, संविदा एवं आउटसोर्स लाईनमैनों को बेवजह शोकॉज नोटिस न दिया जाए। अवकाश के दिन बुलाने पर लिखित आदेश निकाला जाए, उन्हें अवकाश दिया जाए, मैदानी अधिकारियों के द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित न किया जाए।

Related Articles

Latest News