मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव के नेतृत्व में विगत दिवस जबलपुर सिटी सर्किल के अधीक्षण अभियंता संजय अरोरा से तकनीकी कर्मचारियों की लंबित समस्याओं के निदान करने हेतु चर्चा की गई।
तकनीकी कर्मचारी संघ ने अधीक्षण अभियंता को बताया कि पूर्व क्षेत्र कंपनी के द्वारा सब-स्टेशनों में परीक्षण सहायकों की कमी होने पर नई भर्ती की गई थी, लेकिन इन परीक्षण सहायकों की ड्यूटी सब-स्टेशनों में लगाकर मैदानी अधिकारी इनसे अपने निजी स्वार्थ के अनुसार कार्य करा रहे हैं। हरेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले 5 वर्षों से आउटसोर्स कर्मियों और सब-स्टेशन ऑपरेटर से मैदानी अधिकारी 30 दिन कार्य कराते हैं, लेकिन 26 दिन का ही वेतन दिया जाता है, जो कि अनुचित है और इससे आक्रोश उपज रहा है।
इसके अलावा सब-स्टेशन में ऑपरेटर की सहायता के लिए हेल्पर का होना जरूरी है, ताकि आपात स्थिति में किसी तरह की परेशानी न हो। सब-स्टेशनों में 6 डिस्चार्ज रॉड, सुरक्षा उपकरण, अग्निशमन यंत्र, फर्स्टऐड बॉक्स होना अतिआवश्यक है। डिस्ट्रीब्यूशन बॉक्सो की हालत जर्जर हो गई है। अनेक डिसटीब्यूशन बॉक्स के पल्ले नहीं लगे हैं, खुले पड़े हुए हैं जिससे कभी भी दुर्घटनाएं हो सकती है। एल्युमीनियम के स्थान पर तांबे का सर्किट फ्यूज लगाया जावे, जहां 33X11 केवी लाइन खींची गई है, वहीं जनहित में गार्डिंग तार लगाए जाएँ, अनेक खंबों में अर्थिंग नहीं है, अर्थिंग कराई जाए।
इसके अलावा मैदानी अधिकारी बिना लिखित आदेश के नियमित, संविदा एवं आउटसोर्स कर्मचारियों को अवकाश के दिन बुलाते हैं, इसका आदेश निकालना चाहिए एवं दोगुनी दर से वेतन भी देना चाहिए। सभी कर्मचारियों को बरसाती दी जावे। आउटसोर्स कर्मचारी को एरियर का भुगतान किया जावे एवं समय-समय पर सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराये जाएँ। कर्मचारियों से नाइट ड्यूटी कराने पर नाइट अलाउंस दिया जावे एवं एक्स्ट्रावेजेस करने पर सभी कर्मचारियों को एक्स्ट्रा वेजेस दिया जावे आदि मुद्दों एवं समस्याओं पर अधीक्षण अभियंता से सौहार्दपूर्ण चर्चा की गई है।
अधीक्षण अभियंता ने संघ प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया है कि शीघ्र ही कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा। संघ की ओर से अजय कश्यप, मोहन दुबे, राजकुमार सैनी, लखन सिंह राजपूत, केएन गर्ग, दशरथ शर्मा, किशोर बोंडेकर चर्चा में उपस्थित थे।










