मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासचिव हरेंद्र श्रीवास्तव ने अधिकारियों पर आरोप लगाते हुए कहा है कि अपने अधिकारों का नाजायज फायदा उठाते हुए मैदानी अधिकारियों ने लाइन कर्मियों की स्थिति बंधुआ मजदूर से भी बदतर बना दी है।
उन्होंने बताया कि त्यौहारों एवं विशेष अवसरों पर लाइन कर्मियों की स्पेशल ड्यूटी लगाई जाती है, जहां लाइन कर्मियों की 12 से 16 घंटे तक अनवरत तैनाती रहती है। जबकि श्रम नियमों के अनुसार कर्मचारियों से 8 घंटे ही ड्यूटी कराई जानी चाहिए, लेकिन अधिकारी तानाशाही करते हुए तमाम नीतियों एवं नियमों को धत्ता बता रहे हैं। उन्होंने बताया कि पहले विशेष अवसरों पर भी दो शिफ्ट में ड्यूटी लगाई जाती थी, लेकिन अब अधिकारियों की मनमर्जी चल रही है।
संघ के मोहन दुबे, राजकुमार सैनी, अजय कश्यप, लखन सिंह राजपूत, आमिर अंसारी, पीएन मिश्रा, शशि उपाध्याय, मदन पटेल, दशरथ शमार्, राकेश नामदेव आदि ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि अधिकारियों के द्वारा श्रम नियमों की अवहेलना एवं मानव अधिकारों का हनन किया जा रहा है।










