जबलपुर, । मध्यप्रदेश विद्युत परिवार हिंदी समिति के तत्वावधान में आयोजित हिंदी महोत्सव 2026 के समापन समारोह के मुख्य अतिथि तथा अहिंदी भाषी होने के बावजूद देश में मंचीय हास्य प्रस्तुति की शुरुआत करने वाले केके (कृष्ण कुमार) नायकर ने कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ने वाली जीवंत संवेदना है। हिंदी ने मुझे मंच दिया और देश के करोड़ों लोगों से सीधे संवाद करने का भी अवसर।
इसलिए हिंदी के प्रति मेरा लगाव किसी भाषा तक सीमित नहीं, बल्कि यह मेरे लिए भारतीयता से जुड़ने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि हिंदी की सबसे बड़ी शक्ति उसकी सहजता और स्वीकार करने की क्षमता है। यह भाषा अलग-अलग क्षेत्रों, बोलियों और संस्कृतियों के शब्दों को अपने भीतर समेटकर लगातार समृद्ध होती रही है।
अहिंदी भाषी व्यक्ति के लिए हिंदी सीखना केवल एक नई भाषा सीखना नहीं, बल्कि देश के व्यापक समाज और उसकी विविध संस्कृति से जुड़ना है। इस अवसर पर पावर मैनेजमेंट कंपनी के मुख्य महाप्रबंधक मानव संसाधन व प्रशासन एवं हिंदी समिति के अध्यक्ष फिरोज कुमार मेश्राम, अतिरिक्त मुख्य महाप्रबंधक अनुराग नायक, हिंदी समिति के उपाध्यक्ष नितिन खत्री, हिंदी समिति के संयोजक दीपक निगम सहित बड़ी संख्या में विद्युत कार्मिक उपस्थित थे। समारोह में केके नायकर को हिंदी व कला क्षेत्र में दिए गए अविस्मरणीय योगदान के लिए हिंदी समिति द्वारा सम्मानित किया गया।
विद्युत कंपनियां हिन्दी में कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध-हिंदी के समिति के अध्यक्ष पावर मैनेजमेंट कंपनी के कार्यपालक निदेशक फिरोज कुमार मेश्राम ने कहा कि इस वर्ष प्रतियोगिताओं में बड़ी संख्या में भागीदारी का संकेत है कि कार्मिकों का हिंदी के प्रति लगाव व रूझान बढ़ा है। उन्होंने कहा कि विद्युत कंपनियां हिंदी को बढ़ावा देने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं।
सभी प्रतिभागियों को मिले पुरस्कार-हिंदी महोत्सव में चार प्रतियोगिताएं आयोजित हुईं। इन प्रतियोगिताओं के सभी प्रतिभागियों को हिंदी समिति द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। परिणाम इस प्रकार रहे:- शॉलेय विद्यार्थियों की चित्रकला प्रतियोगिता के अंतर्गत कक्षा 1 से कक्षा 3 वर्ग में प्रथम विधि विश्वकर्मा, द्वितीय अवनी मरकाम, तृतीय तान्या बंसल, कक्षा 4 से कक्षा 7 वर्ग में प्रथम आंशी गुप्ता, द्वितीय दिव्यांशी पटेल, तृतीय समृद्धि बोरिया व पुष्कर झारिया, कक्षा 8 से कक्षा 10 वर्ग में प्रथम पृथ्वीराज कौरव, द्वितीय अनुष्का कुशवाहा। प्रश्नमंच प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर नेहा सेंगर, अखिलेश साहू व इकबाल खान, द्वितीय आनंद गुप्ता व भावना यादव, तृतीय स्थान अंकित गुप्ता रहे। कार्यालयीन टीप प्रतियोगिता में प्रथम नुसरत सिद्दीकी, द्वितीय मनोज कुमार पशीने, तृतीय स्थान फरेश खरे को मिला। तात्कालिक भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान पर दिलदार चौधरी, द्वितीय स्थान पर धनश्री लोधी व तृतीय स्थान पर अंकिता सिंह रहीं।
विद्युत हिंदी सेवी हुए सम्मानित-हिंदी महोत्सव में योगदान देने वाले विद्युत कार्मिकों सुरेश त्रिवेदी, इकबाल खान, अमरचंद कुशवाहा, गौरव शर्मा, शरद नेमा, मनोज रजक, राकेश यादव व राकेश स्वामी को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। हिंदी महोत्सव में पुस्तक प्रदर्शनी का संयोजन करने वाले अजय यादव व उनकी पुत्री मधु यादव को उनकी नि:स्वार्थ हिन्दी सेवा के लिए सराहना करते हुए सम्मानित किया गया। हिंदी महोत्सव के अवसर पर जबलपुर पर केन्द्रित छायाचित्र प्रदर्शनी के लिए छायाकार अजय धाबर्डे को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन अमर चंद कुशवाहा ने किया।








