Tuesday, June 16, 2026
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जबलपुर कलेक्टर एवं एसपी की टीम ने किया निजी हॉस्पिटल, मिठाई दुकान और मछली मार्केट का निरीक्षण

जबलपुर (हि.स.)। जिला प्रशासन द्वारा सभी प्रकार की व्यवसायिक इकाइयों, होटल, रेस्टारेंट, प्राइवेट हॉस्पिटल, पेट्रोल पंप, गैस एजेंसी, मेडिकल स्टोर और शैक्षणिक संस्थानों में नियमों का पालन कराने जाँच के लिये गठित दलों की कार्यवाही लगातार आठवें दिन मंगलवार को भी जारी रही। तय रोस्टर के मुताबिक एसडीएम आधारताल शिवाली सिंह एवं सीएसपी आधारताल प्रियंका करचाम के नेतृत्व में जांच दल ने मंगलवार को रद्दी चौकी सैफ नगर स्थित केजीएन हॉस्पिटल एवं इससे संलग्न मेडिकल स्टोर, आधारताल स्थित मछली मार्केट एवं बिरसा मुंडा चौक स्थित बिशन स्वीट्स का निरीक्षण किया।

एसडीएम शिवाली सिंह के मुताबिक केजीएन हॉस्पिटल का निरीक्षण इस हॉस्पिटल की मिली शिकायतों पर की गई। निरीक्षण के दौरान जाँच दल को इस निजी अस्पताल में कई अनियमतता मिली। इस अस्पताल के फायर एनओसी की अवधि बीत चुकी थी। इसे आयुर्वेदिक उपचार का लाइसेंस मिला था लेकिन यहाँ एलोपैथी पद्धति से मरीजों का उपचार किया जा रहा था। अस्पताल संचालक को एलोपैथी लायसेंस मिलने तक केवल आयुर्वेदिक पद्धति से मरीजों का उपचार करने की हिदायत दी गई है।

एसडीएम ने बताया कि केजीएन अस्पताल के निरीक्षण के दौरान अस्पताल से संलग्न दवा दुकान केजीएन फार्मा की भी जाँच की गई और दवाइयों के नमूने परीक्षण हेतु लिये गये। इस दवा दुकान पर एफएसएसएआई लायसेंस नहीं होने पर प्रकरण भी दर्ज किया गया। जांच दल द्वारा बिरसा मुंडा चौक स्थित बिशन स्वीट्स से मिलावट की आशंका पर नमकीन, केला चिप्स, खोवा, बेसन, लड्डू, खाद्य कलर, क्रीम, रसमलाई और केक के सेंपल लिये गये। इन्हें परीक्षण हेतु राज्य खाद्य प्रयोग शाला भोपाल भेजा जा रहा है।

जाँच दल द्वारा आधारताल स्थित मछली मार्केट का निरीक्षण भी किया गया। मछली मार्केट में काम कर रहे कर्मचारियों का स्वास्थ्य परीक्षण नहीं पाये जाने, फूड सेफ्टी डिस्प्ले बोर्ड नहीं होने तथा खुले में मछली का विक्रय करते पाये जाने पर दुकानदारों को नोटिस जारी किये गये। मछली मार्केट से झींगा मछली और चिकन के नमूने भी जाँच दल द्वारा परीक्षण हेतु लिये गये। जांच दल में स्वास्थ्य विभाग, नगर निगम, खाद्य एवं औषधि प्रशासन, श्रम एवं नापतौल विभाग के अधिकारी भी शामिल थे।

एसडीएम ने बताया कि जाँच दल द्वारा दीनदयाल चौक स्थित स्वास्तिक अस्पताल में एमटीपी लायसेंस की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई। पिछले मंगलवार को इस अस्पताल के निरीक्षण में मेडीकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी (एमटीपी) एक्ट के तहत लायसेंस नहीं पाये जाने पर अस्पताल प्रबंधन को स्वास्थ्य विभाग से इसे प्राप्त करने की हिदायत दी गई थी।

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