Sunday, January 25, 2026
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चिड़िया चुग गई खेत की झांकी के साथ पहुंचे विधायक, मप्र विधानसभा में हंगामा

भोपाल, (हि.स.)। मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र का दूसरा दिन काफी हंगामेदार रहा। विधानसभा में किसानों के मुद्दों पर कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। चिड़िया चुग गई खेत की झांकी के साथ कांग्रेस विधायक विधानसभा पहुंचे और सरकार की कृषि नीतियों पर तीखा हमला किया। उनका आरोप है कि सरकार किसानों की दुर्दशा के बीच “मस्ती” में है और किसानों की समस्याओं पर कोई गंभीर कदम नहीं उठा रही।

विधायकों का कहना है कि किसान कर्ज के बोझ तले दबे हैं, लेकिन सरकार राहत देने में नाकाम रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर किसानों की समस्याओं का समाधान जल्द नहीं किया गया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

मध्य प्रदेश विधानसभा के शीतकालीन सत्र के दूसरे दिन मंगलवार को नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार के नेतृत्व में कांग्रेस विधायक दल ने प्रदेश के किसानों की दुर्दशा, उनकी उपेक्षा और भाजपा सरकार की किसान-विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार सांकेतिक प्रदर्शन किया। कांग्रेस विधायक “चिड़िया चुग गई खेत” की झांकी अपने साथ लेकर विधानसभा परिसर पहुंचे, जो यह दर्शाती है कि कैसे भाजपा सरकार की नाकामी से किसानों की मेहनत, उम्मीदें और फसल सब चौपट हो गई।

नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि प्रदेश का किसान कभी खाद के लिए, कभी खरीदी के उचित मूल्य के लिए, और कभी मुआवज़े के लिए दर–दर भटक रहा है। उन्होंने कहा कि अन्नदाता आज मजबूर होकर सड़क पर संघर्ष कर रहा है, जबकि सत्ता धारी केवल भावांतर का झुनझुना बजाते रहे।

उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की रक्षा न कर पाना भाजपा सरकार की सबसे बड़ी विफलता है। किसानों के खेत भाजपा सरकार रूपी चिड़िया पहले ही साफ कर चुकी है। कांग्रेस विधायक दल ने स्पष्ट कहा कि वे किसानों की आवाज को हर मंच पर मजबूती से उठाते रहेंगे और अन्नदाता के अधिकारों की लड़ाई को निर्णायक मुकाम तक ले जाएंगे।

मुरैना से कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर ने कहा कि भाजपा की किसान किसानों के खेतों पर डाका डाल रही है। कर्जा माफ नहीं किया, बिजली नहीं दी, एक रुपये का कर्जा माफ नहीं किया, फसलों के दाम नहीं मिले। फसल बीमा के नाम पर दो सौ चार सो रुपये दिए जाते हैं, ये मध्य प्रदेश का दुर्भाग्य है। हमारी मांग है कि किसानों को फसलों का मुआवजा दिया जाए।

कांग्रेस विधायक फूल सिंह बरैया ने कहा कि अतिवृष्टि से किसानों को भारी नुकसान हुआ, लेकिन सरकार मुआवज़ा देने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि किसानों को मंडियों में उचित दाम नहीं मिल रहे और खाद की किल्लत बदस्तूर जारी है। किसान मजबूर है, लेकिन सरकार उसकी पुकार सुनने को तैयार नहीं, बरैया ने आरोप लगाया कि सरकार किसानों की आवाज सुना ही नहीं चाहती है। पूरे प्रदेश के किसान परेशान है।

कांग्रेस विधायक डॉ. हीरालाल अलावा ने कहा कि प्रदेश भर में किसानों को समर्थन मूल्य (एमएसपी) नहीं मिल पा रहा है और खाद का संकट लगातार गहरा रहा है। उन्होंने कहा कि किसानों की बुवाई और खरीफ-रबी दोनों फसलें प्रभावित हो रही हैं, लेकिन सरकार इस गंभीर मुद्दे पर उदासीन बनी हुई है। महिदपुर से कांग्रेस विधायक दिनेश जैन ने कहा कि सरकार किसानों के नाम से उद्योगपतियों के हित की योजनाएं बना रही है।

प्रदर्शन करना कांग्रेस का काम- मंत्री वर्माराजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने किसानों के अतिवृष्टि से हुए नुकसान को लेकर कहा कि दो हजार 68 करोड़ रुपए राहत राशि के रूप में किसानों को सरकार ने दिया है। प्रदर्शन करना कांग्रेस का काम है।

कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना को आया चक्कर

विधानसभा में सदन की कार्यवाही के दौरान कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना को चक्कर आ गया। कंषाना सदन की कार्यवाही के दौरान खासी के बाद बेहोश हो गए। इसकी वजह से सदन की कार्यवाही को 10 मिनिट के लिए स्थगित करना पड़ा। मुख्यमंत्री मोहन यादव सदन में प्रवेश कर रहे थे, तभी उन्होंने देखा कि कंषाना बेहोश हैं। वे तुरंत कंसाना के पास गए। इसके बाद स्पीकर और बाकी लोग वहां पहुंचे।

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