जबलपुर. जिले में औसत से कम बारिश के बावजूद मंडला, डिंडौरी और अमरकंटक क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश का असर अब बरगी बांध पर साफ दिखाई दे रहा है। लगातार पानी की आवक से बांध एक बार फिर लबालब हो गया है। बांध का जलस्तर 421.85 मीटर और जलभराव क्षमता 93.33 प्रतिशत तक पहुंच गई है। पानी की बढ़ती आवक को देखते हुए गुरुवार, 3 सितंबर की सुबह 11 बजे बरगी बांध के पांच गेट करीब एक-एक मीटर तक खोले गए, जिनसे लगभग 760 क्यूमेक पानी नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है। पानी छोड़े जाने के बाद नर्मदा के निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति बनने लगी है।
गेट खोलने से पहले बरगी बांध प्रबंधन और जिला प्रशासन ने नर्मदा नदी के घाटों और आसपास के निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया है। बांध प्रबंधन के अनुसार, गेट खुलने के बाद नर्मदा के विभिन्न घाटों पर जलस्तर में करीब 3 से 4 फीट तक की बढ़ोतरी हो सकती है। प्रशासन ने लोगों से नदी और घाटों से सुरक्षित दूरी बनाए रखने तथा जलस्तर बढ़ने की स्थिति में सावधानी बरतने की अपील की है।
707 क्यूमेक पानी की आवक
बरगी बांध प्रबंधन के अनुसार 2 सितंबर की सुबह 8 बजे बांध में 707 क्यूमेक पानी की आवक दर्ज की गई। वर्षा, मौसम पूर्वानुमान और संभावित जल आवक को देखते हुए पांच जलद्वार करीब एक मीटर तक खोले गए हैं। वर्तमान में करीब 760 क्यूमेक पानी की निकासी की जा रही है। प्रबंधन ने कहा है कि वास्तविक जल आवक और बांध के जलस्तर के अनुसार पानी की निकासी में बदलाव किया जा सकता है। लोगों से नर्मदा के घाटों और निचले इलाकों में सावधानी बरतने की अपील की गई है। बांध में लगातार पानी की आवक को देखते हुए आने वाले दिनों में जल निकासी की मात्रा में बदलाव संभव है।








