मध्य प्रदेश में सर्दी ने एक बार फिर अपना तीखा असर दिखाया है। तेज ठंडी हवाओं और सर्द रातों के चलते प्रदेश के 9 से अधिक जिलों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे दर्ज किया जा रहा है। हालांकि मौसम विभाग के मुताबिक अगले चार दिनों तक बारिश से राहत मिलने वाली है।
कोहरे की चादर में लिपटा आधा प्रदेश
प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में घना कोहरा अब भी लोगों की मुश्किलें बढ़ा रहा है। कई जिलों में सुबह के समय विजिबिलिटी काफी कम रिकॉर्ड की जा रही है, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हो रहा है।
राजगढ़ बना प्रदेश का सबसे ठंडा शहर
मौसम विभाग के मुताबिक राजगढ़ इस समय मध्य प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका बना हुआ है, जहां न्यूनतम तापमान 7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है।
इसके अलावा—
-
रीवा: 7.2 डिग्री
-
खजुराहो: 8.2 डिग्री
-
दतिया: 8.4 डिग्री
-
दमोह और सतना: 9.6 डिग्री
-
पचमढ़ी: 9.8 डिग्री
सुबह के समय कोहरे का ज्यादा असर
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार सुबह ग्वालियर-चंबल, सागर, रीवा और उज्जैन संभाग के कई जिलों में हल्के से मध्यम कोहरे का असर देखा गया। कुछ इलाकों में घना कोहरा भी छाया रहा।
अगले दो दिन कैसा रहेगा मौसम?
-
7 फरवरी को प्रदेश में हल्का कोहरा रहेगा, लेकिन बारिश की कोई संभावना नहीं है।
-
8 फरवरी को भी कई जिलों में हल्का से मध्यम कोहरा छा सकता है। इस दिन भी बारिश का कोई अलर्ट जारी नहीं किया गया है।
इस दौरान ठंडी हवाओं का असर बना रहेगा।
8 फरवरी से बदलेगा मौसम का मिजाज
मौसम वैज्ञानिक डॉ. दिव्या सुरेंद्रन के अनुसार, पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में 8 फरवरी से नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा। इसके असर से प्रदेश के मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है।
10 फरवरी से मावठा गिरने की संभावना जताई गई है।
बड़े शहरों में भी सर्दी का असर
प्रदेश के प्रमुख शहरों में भी ठंड का असर साफ नजर आ रहा है—
-
भोपाल: 13 डिग्री
-
उज्जैन: 13 डिग्री
-
इंदौर: 13.2 डिग्री
-
जबलपुर: 13.5 डिग्री
-
ग्वालियर: 9 डिग्री सेल्सियस











