जबलपुर से सामने आया एक मामला मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्रों की सुरक्षा और रैगिंग जैसे गंभीर मुद्दों को फिर से केंद्र में ले आया है। MBBS के एक छात्र की मौत को जहां शुरुआती तौर पर आत्महत्या बताया गया, वहीं परिजन इसे साजिश के तहत की गई हत्या बता रहे हैं।
मेडिकल कॉलेज हॉस्टल में मिली छात्र की मौत
यह मामला नेताजी सुभाष चंद्र बोस मेडिकल कॉलेज का है। यहां 5 जून 2025 को MBBS फर्स्ट ईयर के छात्र शिवांश गुप्ता की कॉलेज हॉस्टल की ऊंची इमारत से गिरने के बाद मौत हो गई थी। घटना के बाद कॉलेज परिसर में हड़कंप मच गया था।
परिजनों ने आत्महत्या की थ्योरी को किया खारिज
शुरुआती जांच में पुलिस ने मामले को आत्महत्या बताया, लेकिन मृतक छात्र के परिजन इस दावे को सिरे से नकार रहे हैं। उनका कहना है कि शिवांश मानसिक रूप से इतना कमजोर नहीं था कि वह आत्महत्या जैसा कदम उठाए।
एसपी ऑफिस पहुंचे परिजन, CBI जांच की उठाई जोरदार मांग
मंगलवार को शिवांश के परिजन जबलपुर एसपी ऑफिस पहुंचे और पूरे मामले की केंद्रीय जांच एजेंसी (CBI) से जांच कराने की मांग की। उनका आरोप है कि यह एक सुनियोजित हत्या है, जिसे आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की गई।
मौत से पहले रैगिंग की दी थी जानकारी
परिजनों ने बताया कि मौत से कुछ समय पहले शिवांश ने उन्हें फोन कर कॉलेज में हो रही रैगिंग के बारे में बताया था। उसने मानसिक तनाव, डर और दबाव की बात भी साझा की थी। इसके बाद अचानक उसकी मौत की खबर मिलना कई गंभीर सवाल खड़े करता है।
सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासन पर उठे सवाल
परिजनों का आरोप है कि हॉस्टल में सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। घटना के वक्त वहां कौन-कौन मौजूद था, इसकी स्पष्ट जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। रैगिंग की शिकायत के बावजूद कॉलेज प्रशासन ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया।
स्थानीय जांच पर भरोसा नहीं
हालांकि पुलिस इस मामले की जांच कर रही है, लेकिन परिजनों का कहना है कि उन्हें स्थानीय जांच पर भरोसा नहीं है। उनका मानना है कि जब तक किसी केंद्रीय एजेंसी द्वारा निष्पक्ष जांच नहीं होगी, तब तक सच्चाई सामने नहीं आएगी।
मेडिकल छात्रों की मानसिक सेहत पर फिर सवाल
यह मामला एक बार फिर इस बात पर सोचने को मजबूर करता है कि देश के प्रतिष्ठित मेडिकल कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र किन मानसिक चुनौतियों से गुजरते हैं। पढ़ाई का दबाव, रैगिंग और प्रशासनिक अनदेखी कई बार छात्रों की जिंदगी पर भारी पड़ जाती है।











