Friday, October 23, 2026
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एमपी में स्कॉलरशिप दिलाने के नाम सात आदिवासी छात्राओं से दुष्कर्म, तीन गिरफ्तार

सीधी (हि.स)। मध्य प्रदेश सीधी जिले में स्कॉलरशिप दिलाने के नाम पर सात आदिवासी छात्राओं से दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। यहां मझौली थाना क्षेत्र में आवाज बदलने वाले मैजिक वॉइस एप के जरिए आरोपितों ने कॉलेज की सात आदिवासी छात्राओं को झांसा देकर उनके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने तीन आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार को मामला सामने आने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आरोपितों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की बात कही है। उन्होंने कहा कि ऐसा निंदनीय कार्य करने वाले समाज के दुश्मन हैं, उन्हें किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स के माध्यम से कहा कि सीधी जिले के मझौली थाना में आदिवासी छात्राओं से स्कॉलरशिप देने का लालच देकर गलत कार्य करने का मामला मेरे संज्ञान में आया है। आरोपित युवक को गिरफ्तार कर लिया गया है। ऐसा निंदनीय कार्य करने वाले समाज के दुश्मन हैं। आरोपित के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। इस मामले के सभी पहलुओं की बारीकी से जांच करने और ठोस साक्ष्य संकलित करने के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया है। जो संपूर्ण तथ्यों की निष्पक्ष जांच कर रिपोर्ट सौंपेगा।

बताया जा रहा है कि आरोपित मोबाइल एप के माध्यम से कॉलेज टीचर बनकर महिला की आवाज में बात करते और स्कॉलरशिप के लिए दस्तावेज मंगवाने के नाम पर सुनसान जगह बुलाते थे। शक न हो, इसके लिए उन्हें पहले ही बता देते कि उन्हें तय स्थान पर लेने के लिए एक लड़का बाइक से आएगा जो उन्हें टीचर के पास पहुंचा देगा। आरोपित उन कॉलेज छात्राओं को निशाना बनाते थे, जहां स्कॉलरशिप मिलती है। एक पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की तो जांच में खुलासा हुआ। लोकेशन ट्रेस कर पुलिस ने मुख्य आरोपित को पकड़ा। पूछताछ में दो और लोगों के शामिल होने की जानकारी मिली। पुलिस के अनुसार, अभी तक आरोपितों ने तीन छात्राओं के साथ दुष्कर्म की बात कबूली है। चार छात्राओं ने एफआईआर दर्ज कराई है। पुलिस के अनुसार, पीड़िता छात्राओं की संख्या और भी अधिक हो सकती है। फिलहाल आरोपितों से पूछताछ जारी है।

पुलिस ने मुख्य आरोपित ब्रजेश प्रजापति (30) के साथ ही उसके साथी राहुल प्रजापति और संदीप प्रजापति को पकड़ा है। ब्रजेश प्रजापति ने दो शादियां की हैं। पहली पत्नी को उसने छोड़ दिया। दूसरी पत्नी से एक बच्ची है। आरोपित पेशे से मजदूर है, लेकिन उसने यूट्यूब पर इस तरह के आवाज बदलने वाले एप की जानकारी ली और इसे अपने मोबाइल पर इंस्टॉल किया। इसके बाद से छात्राओं को निशाना बनाना शुरू किया। दुष्कर्म की शिकायत करने वाली चार छात्राओं में से एक ने पुलिस को बताया कि दुष्कर्म करने वाले अपने चेहरे को कपडे़ से ढके रहते थे। लेकिन जो पहली बार दुष्कर्म करता उसके दोनों हाथों में जलने के निशान है। पीड़ित ने पुलिस को जो बताया उसके अनुसार, फिर लोकेशन और अन्य साक्ष्यों की मदद से पुलिस ने मुख्य आरोपित और उसके साथियों को गिरफ्तार किया।

रीवा रेंज के आईजी महेंद्र सिंह सिकरवार ने बताया कि आरोपित ब्रजेश और उसके दोस्तों ने सीधी जिले के एक सरकारी कॉलेज के वॉट्सएप ग्रुप से छात्राओं के फोन नंबर निकाले थे। इन पर रंजना मैडम बनकर कई बार कॉल कर उन्हें विश्वास में लेते थे। आरोपियों ने बताया कि ये सब तीन महीने से कर रहे थे। उन्होंने बताया कि अभी तक आरोपितों ने सात छात्राओं से रेप की बात कबूली है, लेकिन ये संख्या बढ़ भी सकती है। इसकी जांच की जा रही है। इस बारे में पुलिस मुख्यालय को अवगत कराया गया है।

रीवा आईजी ने कुसमी की एसडीओपी रोशनी सिंह ठाकुर के नेतृत्व में नौ सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) का गठन किया है। टीम में रोशनी सिंह के अलावा मझौली थाना प्रभारी एसआई दीपक सिंह, एसआई प्रीति वर्मा, एसआई केदार परौहा, एसआई दिव्य प्रकाश त्रिपाठी, प्रधान आरक्षक महेंद्र पाटले, आरक्षक विवेक द्विवेदी, आरक्षक प्रतीक्षा तिवारी, आरक्षक प्रदीप मिश्रा समेत 9 सदस्य शामिल हैं।

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