मध्य प्रदेश में इन दिनों मौसम पूरी तरह करवट बदल चुका है। मार्च की शुरुआत में तेज गर्मी के बाद अब बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया है। पश्चिमी विक्षोभ के एक्टिव होने से राज्य के कई हिस्सों में रुक-रुक कर बारिश हो रही है।
Double attack on farmers, huge crop loss
रीवा-सिंगरौली समेत 14 जिलों में बारिश और ओले गिरने का खतरा बना हुआ है। अब तक 21 जिलों में बारिश और 14 जिलों में ओलावृष्टि दर्ज की गई है। इसकी वजह से गेहूं, चना और सरसों की फसल को बड़ा नुकसान हुआ है। सब्जियों की फसल भी इस मार से बच नहीं पाई है।
Temperature drops, weather turns cold
बारिश के असर से तापमान में भी गिरावट आई है। शुक्रवार को दिन का तापमान 4.8 डिग्री गिरकर 29.4 डिग्री तक पहुंच गया। आज भी भोपाल, विदिशा, रायसेन समेत 26 जिलों में बारिश के आसार बने हुए हैं। मौसम विभाग के अनुसार 26 मार्च तक ऐसा ही मौसम बना रह सकता है।
Fog wreaks havoc in Gwalior, visibility drops
ग्वालियर में बारिश के बाद मौसम ने अलग ही रंग दिखाया। सुबह घना कोहरा छा गया, जिससे विजिबिलिटी 50 मीटर से भी कम हो गई। तापमान भी 10 डिग्री गिरकर 23 डिग्री पर आ गया। पिछले 16 घंटों में करीब 9 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई।
Hailstorms and strong winds increase farmers’ tensions
टीकमगढ़-मोहनगढ़ में तेज हवा के साथ ओलावृष्टि हुई, जिससे खेतों में सफेद चादर जैसी स्थिति बन गई। मध्य प्रदेश में बदलता मौसम किसानों के लिए राहत नहीं बल्कि आफत बनकर सामने आया है।











