मध्य प्रदेश में मानसून फिलहाल सक्रिय बना हुआ है, हालांकि पिछले कुछ दिनों की तुलना में इसकी रफ्तार थोड़ी धीमी हुई है। इसके बावजूद प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम सुहावना बना हुआ है। बादलों की आवाजाही और बीच-बीच में हो रही बारिश से लोगों को गर्मी से राहत मिली है। वहीं किसानों के लिए भी यह मौसम काफी फायदेमंद साबित हो रहा है, क्योंकि इस समय धान की बुवाई का काम तेजी से चल रहा है। ऐसे में खेतों में पर्याप्त नमी बनी रहने से फसल को अच्छा लाभ मिलने की उम्मीद है।
इसी बीच मौसम विभाग ने मंगलवार, 4 अगस्त 2026 के लिए पूरे मध्य प्रदेश में येलो अलर्ट जारी किया है। विभाग ने बारिश के साथ तेज हवा और गरज-चमक की संभावना जताई है। इसलिए लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है।
इन जिलों में बारिश की सबसे अधिक संभावना
भोपाल स्थित मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, प्रदेश के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। खासतौर पर पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी और सिंगरौली जिले के कई क्षेत्रों में अच्छी बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा दक्षिण-पश्चिम क्षेत्र के कुछ इलाकों में भी मध्यम वर्षा दर्ज की जा सकती है।
दूसरी ओर, भिंड, ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, कटनी, उमरिया, शहडोल, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, मंडला, बालाघाट और डिंडौरी जिलों के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश होने के आसार हैं। हालांकि बारिश का स्वरूप हर जिले में अलग-अलग रह सकता है।
तेज हवा और गरज-चमक को लेकर अलर्ट
बारिश के साथ प्रदेश के सभी जिलों में गरज-चमक की गतिविधियां भी देखने को मिल सकती हैं। मौसम विभाग के मुताबिक 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। ऐसे मौसम में बिजली गिरने का खतरा भी बढ़ जाता है। इसलिए लोगों को अनावश्यक रूप से घर से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी गई है।
इसके अलावा तेज हवा के कारण कमजोर पेड़, पुराने बिजली के खंभे और अस्थायी ढांचे भी नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए यात्रा करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतना जरूरी होगा।
किसानों के लिए राहत, फसलों को मिलेगा फायदा
मानसून की सक्रियता किसानों के लिए राहत लेकर आई है। प्रदेश में धान की बुवाई का समय चल रहा है और खेतों में पर्याप्त पानी की आवश्यकता होती है। हाल की बारिश से खेतों में नमी बनी हुई है, जिससे फसल की शुरुआती बढ़वार बेहतर होने की संभावना है।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि लगातार बारिश या तेज हवा की स्थिति में किसान मौसम का पूर्वानुमान देखकर ही खेतों में कार्य करें। गरज-चमक के दौरान खुले खेतों में काम करना जोखिम भरा हो सकता है।
आम लोगों के लिए मौसम विभाग की सलाह
मौसम विभाग ने खराब मौसम को देखते हुए लोगों के लिए कई जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए हैं। सबसे पहले, गरज-चमक के दौरान घर के अंदर ही रहने की कोशिश करें। यदि किसी कारण बाहर जाना जरूरी हो, तो पेड़ों, बिजली के खंभों और खुले मैदानों से दूर रहें।
इसके अलावा बिजली गिरने की आशंका होने पर घर के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के प्लग निकाल दें। वाहन चलाते समय गति नियंत्रित रखें और सड़क पर पूरी सतर्कता बरतें। वहीं कंक्रीट की दीवारों का सहारा लेने या कंक्रीट फर्श पर लेटने से भी बचने की सलाह दी गई है।
पशुपालकों को भी बरतनी होगी सावधानी
मौसम विभाग ने पशुपालकों के लिए भी विशेष एडवाइजरी जारी की है। पशुओं को खुले मैदान, नदी, तालाब या अन्य जल स्रोतों के पास नहीं छोड़ना चाहिए। रात के समय सभी पशुओं को सुरक्षित शेड में रखना बेहतर रहेगा।
इसके साथ ही दोपहर की अधिक गर्मी में पशुओं को चराई के लिए बाहर न भेजें। उनके लिए पर्याप्त पेयजल और छायादार स्थान की व्यवस्था करें। सबसे महत्वपूर्ण बात, आकाशीय बिजली और तूफान के दौरान पशुओं को किसी पेड़ के नीचे बांधने से बचें, क्योंकि इससे दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है।
फिलहाल सतर्क रहने की जरूरत
फिलहाल मध्य प्रदेश में मानसून पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है। इसलिए नागरिकों, किसानों और पशुपालकों को मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर रखने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। इससे किसी भी संभावित दुर्घटना या नुकसान से बचा जा सकता है।











