Gold – Silver : सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में नरमी देखने को मिली। दिल्ली में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,46,320 प्रति 10 ग्राम और 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,34,140 प्रति 10 ग्राम दर्ज किया गया। वहीं मुंबई और कोलकाता जैसे प्रमुख महानगरों में 24 कैरेट सोना लगभग ₹1,46,170 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कारोबार करता रहा। दूसरी ओर, चांदी का राष्ट्रीय औसत भाव करीब ₹2,39,900 प्रति किलोग्राम रहा। कीमतों में आई इस गिरावट से आभूषण खरीदने की योजना बना रहे ग्राहकों को कुछ राहत मिली है।
देश के प्रमुख महानगरों— में सोने –चांदी के भाव इस प्रकार है –
दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई—में शुक्रवार (24 जुलाई 2026) को सोने और चांदी की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई। दिल्ली में 24 कैरेट सोना ₹1,46,320 और 22 कैरेट सोना ₹1,34,140 प्रति 10 ग्राम रहा, जबकि चांदी ₹2,39,900 प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती रही।
मुंबई और कोलकाता में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,46,170 प्रति 10 ग्राम के आसपास रहा, वहीं 22 कैरेट सोना क्रमशः ₹1,33,990 और ₹1,33,800–₹1,34,000 के दायरे में दर्ज किया गया। दूसरी ओर, स्थानीय करों के प्रभाव से चेन्नई में 24 कैरेट सोना ₹1,47,000 प्रति 10 ग्राम से ऊपर रहा, जबकि 22 कैरेट सोने का भाव ₹1,32,300 से ₹1,34,300 के बीच और चांदी ₹2,40,000 प्रति किलोग्राम से अधिक के स्तर पर कारोबार करती रही।
मध्य प्रदेश के प्रमुख सर्राफा बाजारों इंदौर, भोपाल और ग्वालियर में शुक्रवार (24 जुलाई 2026) को सोने और चांदी की कीमतों में हल्का उतार-चढ़ाव देखने को मिला।-
24 कैरेट सोने का भाव ₹1,42,280 से ₹1,47,320 प्रति 10 ग्राम के बीच दर्ज किया गया, जबकि 22 कैरेट सोना ₹1,33,500 से ₹1,35,050 प्रति 10 ग्राम के दायरे में कारोबार करता रहा। वहीं 999 शुद्धता वाली चांदी की कीमत ₹2,02,900 से ₹2,45,100 प्रति किलोग्राम के बीच रही।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव और स्थानीय मांग के चलते विभिन्न शहरों में भावों में मामूली अंतर देखने को मिला।
अंतरराष्ट्रीय कमोडिटी बाजार कॉमेक्स (Comex) में 24 जुलाई 2026 को सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। –
सोना 0.47% फिसलकर करीब 4,031 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करता रहा, जबकि चांदी 0.84% की कमजोरी के साथ 57.565 डॉलर प्रति औंस पर ट्रेड करती दिखाई दी। विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर मुनाफावसूली और निवेशकों के सतर्क रुख के कारण कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है, जिसका असर घरेलू सर्राफा बाजार की कीमतों पर भी देखने को मिल रहा है।











